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उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे में जनहानि कम करने का प्रयास, UP Budget 2026 में ‘जीरो फैटेलिटी’ विजन पर खर्च होंगे 50 करोड़ रुपये

By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Thu, 12 Feb 2026 12:01 PM (IST)

UP Budget 2026: योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2026-27 के बजट में कनेक्टिविटी को विकास का इंजन बनाया है। नागरिक उड्डयन ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

HighLights

  1. सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना

  2. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में बनाया जाएगा कार्यालय

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि कम करने के प्रयास के विजन को बजट 2026-27 में शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर कम करने के लिए मुख्यमंत्री ‘जीरो फैटेलिटी’ विजन योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के तहत 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। इन प्रविधानों से अब प्रदेश में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। सरकार ने इसके लिए गौतमबुद्धनगर में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की आवंटित भूमि पर परिवहन विभाग का कार्यालय बनाने को हरी झंडी दी है।

इसके निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पांच करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। इसके अलावा बस अड्डों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आपरेशन हब के रूप में विकसित होने से लाजिस्टिक्स, कार्गो, एमआरओ और एविएशन सेवाओं में बड़े निवेश की संभावना है।

सड़क परिवहन में हरित बदलाव की दिशा में सरकार ने ईवी बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं, ईवी बसों और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से प्रदूषण में कमी और सतत परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी ही निवेश, औद्योगिक विस्तार व रोजगार सृजन की आधारशिला है और यह बजट इसी दिशा में निर्णायक हो सकता है।

बजट में गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़ रुपये और देने का एलान किया गया है। पीपीपी मोड पर विकसित हो रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पहले चरण का कार्य अंतिम चरण में है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे।

योगी सरकार यहां प्रस्तावित रनवे की संख्या को दो से बढ़ाकर पांच करेगी। साथ ही इसे एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर और मेंटेनेंस-आपरेशन (एमआरओ) हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन मानचित्र पर स्थापित कर सकता है।
प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण और भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये बजट में दिए गए हैं। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के जरिये छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर रहेगा, जिससे पर्यटन, उद्योग और सेवा क्षेत्र को गति मिलने की उम्मीद है।