प्राचीन 'संवाद' परंपरा को आधुनिक लोकतांत्रिक रूप, प्रतापगढ़ में ‘द ग्रेट अजगरा डिबेट 2026’ में शामिल हुए एक लाख लोग
Great Ajgara Debate 2026: अजगरा को जो चीज खास बनाती है, वह कोई चमत्कार या मेला नहीं, बल्कि यहां हुआ एक शानदार संवाद है।

लोगों के बीच संवाद का दायरा बढ़ाने के लिए अनोखा प्रयोग
HighLights
महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद से प्रेरणा लेकर शुरुआत
विजेता को मिलेगा प्रतापगढ़ के 'आधुनिक युधिष्ठिर' का खिताब
डिबेट में किसान, छात्र, गृहणियां (हाउसवाइफ), नौकरीपेशा और बुजुर्ग शामिल
जिले की 1,148 ग्राम पंचायतों और 279 शहरी वार्डों को डिबेट रूम में बदला गया
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। प्रतापगढ़ में जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने लोगों के बीच संवाद का दायरा बढ़ाने के लिए अनोखा प्रयोग किया है। उनके इस प्रयोग में अब तक एक लाख से अधिक लोग जुड़े और ‘द ग्रेट अजगरा डिबेट 2026’ का दायरा व्यापक स्वरूप ले चुका है।
महाभारत में युधिष्ठिर और यक्ष संवाद से प्रेरित प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने प्राचीन 'संवाद' परंपरा को आधुनिक लोकतांत्रिक रूप प्रदान किया। उन्होंने बड़ी बहस प्रतियोगिता 'द ग्रेट अजगरा डिबेट 2026' शुरू की। इस डिबेट में अब तक एक लाख से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया है।
इसमें किसान, छात्र, गृहणियां (हाउसवाइफ), नौकरीपेशा लोग और बुजुर्ग शामिल हैं। यह सभी लोग अपनी लोग नैतिकता, सच्चाई, कर्तव्य, न्याय और भविष्य से जुड़े गहरे सवालों पर आपस में बहस कर रहे हैं। इसके लिए जिले की 1,148 ग्राम पंचायतों और 279 शहरी वार्डों को डिबेट रूम में बदल दिया गया है।
अजगरा में युधिष्ठिर और यक्ष का ऐतिहासिक संवाद
प्रतियोगिता 17 सितंबर को रानीगंज के अजगरा नामक स्थान पर समाप्त होगी। मान्यता है कि इसी जगह पर युधिष्ठिर और यक्ष का ऐतिहासिक संवाद हुआ था। फाइनल में पहुंचे आठ विजेता यहां आमने-सामने होंगे। इस प्रतियोगिता के विजेता को 1.51 लाख रुपये का इनाम और प्रतापगढ़ के 'आधुनिक युधिष्ठिर' का खिताब दिया जाएगा।
जमीनी स्तर पर एक मैराथन की तरह फैल गई
पहल के तौर पर शुरू हुई यह गतिविधि जल्द ही जमीनी स्तर पर एक मैराथन की तरह फैल गई। 17 डेवलपमेंट ब्लॉक, 19 नगर पालिकाओं और चार प्रशासनिक जोन में 1,500 से अधिक डिबेट आयोजित की गईं। ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में हुए स्थानीय मुक़ाबलों से प्रतिनिधि चुने गए और 1,427 प्रतिभागियों में से छंटकर आठ फाइनलिस्ट बचे, जिन्हें सामूहिक रूप से "अजगरा 8" कहा जाता है।
'द ग्रेट अजगरा डिबेट 2026'
'द ग्रेट अजगरा डिबेट 2026' के लिए 26 अगस्त तक जिले के हर पंचायत और वार्ड से कुल 1,427 डिबेटर्स का चयन किया गया। इसके बाद प्रतिभागी अलग-अलग चरणों से गुज़रे और संख्या कम होते-होते पहले 36, फिर 16 और अंत में आठ फाइनलिस्ट बचे, जिन्हें 'अजगरा 8' के नाम से जाना जाता है। आठों 17 सितंबर को अजगरा में होने वाले ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेंगे।
आईआईटी रुड़की के छात्र रहे अभिषेक पांडेय
आईआईटी रुड़की के छात्र रहे अभिषेक पांडेय ऑक्सफोर्ड फेलो के साथ डिबेटर रहे। उन्होंने कहा कि वो 'संवाद' की उस पुरानी परंपरा को आधुनिक लोकतांत्रिक माहौल में लाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अजगरा को जो चीज़ खास बनाती है, वह कोई चमत्कार या मेला नहीं, बल्कि यहां हुआ एक शानदार संवाद है।
अगर हम दूसरी परंपराओं को मनाते हैं, तो बहस और सवाल-जवाब की इस विरासत को क्यों न बचाएं। अजगरा महोत्सव को जनपद की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संवाद और नई पीढ़ी की रचनात्मक भागीदारी का महत्वपूर्ण मंच बनाने का लक्ष्य बनाने वाले जिलाधिकारी ने फाइनल महोत्सव 15 से 17 सितंबर तक अजगरा रानीगंज में कराने का फैसला किया था।
