सीतापुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के सीतापुर पिसावां इलाके में जिंदा जलाई गई बरेली की युवती की इलाज के दौरान लखनऊ के सिविल अस्पताल में शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। बता दें, पांच अक्टूबर की रात में पिसावां थाना क्षेत्र के देवकली गांव के पास बरेली के कंचनपुर गांव की निवासी युवती को जिंदा जलाने की कोशिश हुई थी। युवती को शाहजहांपुर जिले के रोजा निवासी प्रेमी प्रताप और कौशल बाइक से लेकर आए थे। इसके बाद सूनसान इलाके में पेट्रोल डालकर युवती के शरीर में आग लगा दी थी। डॉक्टरों ने गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया था। इसके बबाद लखनऊ के सिविल अस्पताल में ही युवती का इलाज चल रहा था।

प्रेमी ने रचा था षड़यंत्र, पांच को भेजा गया जेल

बरेली के कंचनपुर गांव की निवासी युवती के प्रेमी ने ही उसे मारने का षड़यंत्र रचा था। प्रेमी प्रताप युवती को साड़ी दिलाने का झांसा देकर बाइक से सीतापुर के पिसावां इलाके में लाया था। इसके बाद युवती के शरीर को आग के हवाले कर अपने दोस्त के साथ रोजा भाग गया था। इस घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें शाहजहांपुर के रोजा थाने के अमदपुर निवासी प्रताप, उसका पिता बुधपाल, भाई मंगल और मां कलावती के साथ ही दोस्त कौशल भी शामिल था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बदलेंगी धाराएं

सीतापुर एसपी आरपी सिंह के मुताबिक, युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई है। लखनऊ पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव को परिवारजन के सिपुर्द कर दिया था। वहीं पर युवती का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवारजन बरेली चले गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं तरमीम कर दी जाएंगी। इस मामले में पांच आरोपित पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

क्या कहते हैं डॉक्टर ? 

सिविल अस्पताल निदेशक डॉ. मधु सक्सेना के मुताबिक, बीती रात करीब डेढ़ बजे युवती की मौत हुई। मौत का कारण करीब 60 फीसद जलने से सेप्टिक सीमिया बताया गया।

 

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