लखनऊ। हाशिम की मौत के बाद महंत ज्ञान दास आवास पहुोचे श्रद्धांजलि दी और कहा मैंने अपना मित्र खो दिया।महंत ज्ञान दास बोलते बोलते रो पड़े । अयोध्या राम जन्म भूमि मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास पहुचे हाशिम के घर । आचार्य का बयान हाशिम की मृत्यु राम लला के मसले के लिए हानिकारक । हाशिम साहसी मुस्लिम पक्षकार जिन्होंने राम लला के टेंट में रहते नहीं देखने की बात कही । हाशिम अयोध्या मसले में चाहते थे सुलह । हाशिम अपने जीवन में मसले का कहते थे हल । अयोध्या में शोक की लहर।

रामजन्म भूमि केस में मुस्लिम पक्ष के पैरोकार हाशिम अंसारी का इंतकाल

दिलों में बसते हैं हाशिम

-हाशिम सच्चे इंसान थे। यद्यपि उनका जीवन मुफलिसी में बीता पर उनका मिजाज शाही था और
हम तहे दिल से उनके शुक्रगुजार हैं। -महंत ज्ञानदास, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद एवं हनुमानगढ़ी से जुड़े शीर्ष महंत*

-हाशिम सद्भाव की सीख देने वाले हैं। हम अदालत में अपना दावा करने के लिए स्वतंत्र हैं पर
व्यक्तिगत संबंधें की गरिमा है और हाशिम बराबर यह जताते रहे हैं।-आचार्य सत्येंद्रदास, मुख्य अर्चक-रामजन्मभूमि*


-हाशिम बाबरी मस्जिद की दावेदारी के बावजूद मंदिर समर्थकों से चिढ़ नहीं रखते थे।
व्यक्तिगत मुलाकातों में बराबर उनका स्नेह बरसता रहा।-पुजारी रामदास, पंच निर्मोही अखाड़ा*

-हाशिम जैसी साफगोई अन्यत्र दुर्लभ है। वे सांप्रदायिकता या किसी गिरोहबंदी से इतर सच्चाई के पक्षधर थे।-स्वमी हरिदयाल, निर्वाहक शनिधाम-अयोध्या

हाशिम का निधन रामजन्मभूमि विवाद के एक युग का अवसान


-हाशिम पर हमें नाज है। उन्होंने सौहार्द से मंदिर-मस्जिद विवाद का जो प्रयास किया, वह
हिंदू-मुस्लिम संबंधों को नया आयाम देने वाला है।-नारायण मिश्र, अध्यक्ष-रामजन्मभूमि समन्वय समिति*

-हाशिम अयोध्या की साझा संस्कृति के वाहक थे, उनका न रहना इस संस्कृति के एक विलक्षण
प्रतीक का खो जाना है। -ज्ञानी गुरजीत सिंह, मुख्यग्रंथी-गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड

-हाशिम हमें भारतीयता की सीख देने वाले थे। मंदिर-मस्जिद विवाद के साथ उन्होंने यह साबित
किया कि अलग-अलग आग्रह होते हुए भी इस देश में लोग मिल-जुलकर किस तरह रह सकते हैं।-डॉ. नजमुल हसन गनी, प्रदेश अध्यक्ष-मुस्लिम लीग

Posted By: Ashish Mishra

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