लखनऊ। मुजफ्फरनगर के साथ बागपत व शामली दंगों की आंच से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिले उबरने की कवायद में लगे हुए थे कि आज मेरठ-सहारनपुर मंडल के कई जिले तनाव की चपेट में हैं। कल शामली में जमातियों से हुई मारपीट प्रकरण ने आज सुबह ही कई जिलों में तनाव बिखेर दिया।

शामली के कांधला में फायरिंग और आगजनी हुई। दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर कई ट्रेनों में यात्रियों से मारपीट की सूचना है। फिलहाल पुलिस हालात काबू में होने का दावा कर रही है, लेकिन बागपत,शामली व मुजफ्फरनगर के सीमावर्ती इलाकों में तनाव का गहरा सन्नाटा साफ नजर आ रहा है। सहारनपुर से डीआइजी और कमिश्नर कांधला पहुंच गए और जिसे का तमाम फोर्स कांधला बुला लिया गया है।

जमातियों से कल रात मारपीट के प्रकरण ने आज जमकर तूल पकड़ लिया। सुबह छह बजे के ही आसपास कांधला रेलवे स्टेशन के पास कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन के नेतृत्व में भीड़ कांधला-बुढ़ाना रेलवे ट्रैक पर ही बैठ गई और जमातियों के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगी। डीएम शामली और कप्तान ने जल्दी ही कार्रवाई का आश्वासन दिया तो विधायक धरने से उठ गए, लेकिन भीड़ के एक हिस्से ने उठने से इन्कार कर दिया। इसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ वहां से चले गए। विधायक के जाने के बाद भीड़ उग्र हो गई और उसने रेलवे स्टेशन पर खड़ी हरिद्वार-बीकानेर एक्सप्रेस पर हमला बोल दिया। यात्रियों से मारपीट की गई। इसी बीच पुलिस से उपद्रवियों की भिड़ंत में गोली चलने की भी सूचना है। जिसमें बच्चे समेत तीन लोगों को गोली लगने की बात कही जा रही है।

घायलों को शामली जिला अस्पताल ले जाए गया है, लेकिन प्रशासन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है। किसी तरह भीड़ को स्टेशन से खदेड़ा गया तो उसने कांधला थाने पर धावा बोल दिया गया। पुलिसकर्मियों के वाहन को आग के हवाले कर दिया गया और जमकर तोडफ़ोड़ कर दी गई। पुलिस ने भीड़ को हवाई फायरिंग कर और लाठीचार्ज कर तितर बितर किया। बारह बजे के आसपास पुलिस ने हालात पर काबू किया।

घंटो प्रभावित रहा दिल्ली सहारनपुर-रेल मार्ग

इस पूरे प्रकरण में बड़ौत में भी भीड़ ने रेलवे स्टेशन घेरा और हंगामा किया। दिल्ली सहारनपुर रेल मार्ग के कासिमपुर खेरी रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेन संचालन को बाधित किया गया और भीड़ ने ट्रेनों पर पथराव किया। दिल्ली-शामली रेलमार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। जिले के तमाम रेलवे स्टेशनों पर हजारों यात्री भटक रहे हैं। रेलगाडिय़ों का संचालन बंद होने से कई लोगों के इंटरव्यू छूट गए हैं। यात्री दिनेश कुमार, प्रताप व नरेंद्र ने बताया कि उनके एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू थे, लेकिन रेल न चलने से उनके इंटरव्यू भी निकल गए।

क्या है जमातियों से मारपीट का प्रकरण

महाराष्ट्री के कुछ लोग कल रात कांधले की जमात में शामिल होने आ रहे थे। उनसे बागपत के सूजरा गांव के पास मारपीट और अभद्रता की गई थी। इन लोगों ने बाद में कांधला पहुचंकर जब स्थानीय लोगों को सूचना दी थी तो काफी देर तक हंगामा हुआ था और थाने का घेराव हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रेल रोकने की धमकी दी गई थी। इसके बाद रात को तनावपूर्ण शांति रही, लेकिन सुबह प्रकरण फिर गरमा गया गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान भी बागपत और शामली के सीमावर्ती इलाकों में जमकर हिंसा हुई थी और ये पूरा क्षेत्र संवेदनशील माना जाता रहा है।