जागरण संवाददाता, लखनऊ: परमिट के लिए अब आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। व्यावसायिक वाहनों के परमिट अब ऑनलाइन मिलेंगे। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। ट्रायल के तौर पर 19 मार्च से लखनऊ आरटीओ कार्यालय में इसकी शुरुआत की जाएगी। आवेदन के साथ ही इच्छुक व्यक्ति को तय फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।

आवेदनकर्ता को एक हजार रुपये बतौर फीस और सौ रुपया कोर्ट फीस के रूप में जमा करने होंगे। ऑल इंडिया परमिट के लिए कोर्ट फीस दो सौ रुपया देय होगी। इसके अलावा आवेदनकर्ता को परमिट के लिए निर्धारित पांच साल की फीस भी जमा करनी होगी। नया परमिट लेना हो या डुप्लीकेट, नवीनीकरण हो या फिर शादी-ब्याह के परमिट, सभी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। शुरुआती दौर में लखनऊ के आरटीओ कार्यालय में इसे लागू किया जायेगा। एक महीने के ट्रायल रन के बाद सूबे में इस व्यवस्था को लागू कर दिया जायेगा।

इस वेबसाइट से होगा आवेदन

1ड्डद्धड्डठ्ठ 4 पर जाकर श्चड्डह्मद्ब1ड्डद्धड्डठ्ठ.द्दश्र1.द्बठ्ठ में ऑनलाइन सर्विस परमिट पर जाकर किये जाएंगे आवेदन।

सावधानी न बरती तो जब्त हो जाएगी फीस

ऑटो रिक्शा, टेंपो एवं डीजल वाहन जिनके परमिट बंद हैं। उनके लिए आवेदन न करें, आरटीए से रोक है। वर्ना आवेदन करने के दौरान जमा की जाने वाली फीस जब्त हो जाएगी और परमिट भी नहीं मिलेगा। जिन वाहनों के परमिट खुले हैं उन्हीं के लिए आवेदन करें।

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साफ्टवेयर तैयार हो गया है। ट्रायल के तौर पर एक माह के लिए लखनऊ आरटीओ कार्यालय में इसकी शुरुआत की जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्था को परखने के बाद उसे पूरे सूबे के संभागीय परिवहन कार्यालयों में लागू किया जाएगा। परिवहन आयुक्त पी. गुरुप्रसाद बुधवार को एनआइसी में इसे देखकर अंतिम रूप देंगे।

संजय नाथ झा, आरटीओ मुख्यालय आईटी सेल

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