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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश को हिंदू राष्ट्र नहीं बनने देंगे : मायावती

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 09 Oct 2015 10:36 AM (IST)Updated: Fri, 09 Oct 2015 10:11 PM (IST)

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम के महानिर्वाण दिवस पर देश को हिंदू ...और पढ़ें

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लखनऊ । कांशीराम के नौवें परिनिर्वाण दिवस पर शुक्रवार को कांशीराम स्मारक स्थल में श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंची बसपा प्रमुख मायावती ने भारत को हिंदू राष्ट्र नहीं बनने देने का एलान करते हुए सपा- भाजपा पर निशाना साधा। केंद्र पर सीबीआइ का दुरुपयोग कर छवि खराब का आरोप लगाया तो सपा पर बदले की भावना से काम करने की तोहमत मढ़ी। आरक्षण के मसले पर संघ व भाजपा को घेरा और आंदोलन की चेतावनी दी।

बिहार चुनाव प्रचार के लिए जाने से पहले मायावती ने दिल्ली और लखनऊ की सरकारों को घेरा और सपा भाजपा में मिलीभगत का आरोप भी लगाया। कहा कि बसपा को रोकने के लिए दोनों पार्टियां मिल कर सांप्रदायिकता का वातावरण बना रही है। बिसाहड़ा कांड में गौमांस का विवाद बढ़ाने को वोटों के धुव्रीकरण की साजिश बताते हुए कहा कि भाजपा इसका बिहार चुनाव में भी लाभ लेना चाहती है। हैदराबाद से औवेसी को बुलाकर मुसलमान वोट बांटने का प्रयास किया जा रहा है। पीस पार्टी को भी इसी काम में प्रयोग करने की आशंका जतायी। बिसाहड़ा कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुलायम सिंह यादव के बयान को राजनीतिक बताते हुए मायावती ने पीडि़तों के लिए बसपा के प्रयासों को गिनाया।

हिंदू राष्ट्र की मांग वर्ण व्यवस्था पुख्ता करने की साजिश :

सपा प्रमुख ने हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को वर्ण व्यवस्था से जोड़ते हुए इसे दलितों व अतिपिछड़ों के शोषण की साजिश बताया और कहा कि बसपा का परम संकल्प है कि हिंदू राष्ट्र कभी बर्दास्त नहीं किया जाएगा। साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाने का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी गायक गुलाम अली का सम्मान करने का वादा किया। महाराष्ट्र में गैरमराठी लोगों को आटो रिक्शा परमिट न देने के फैसले को उप्र व बिहार विरोधी करार दिया।

चाहे फांसी पर लटका दें:

एनआरएचएम घोटाले में सीबीआइ द्वारा पूछताछ करने का दर्द भी छलका। मायावती का कहना था कि भाजपा हमेशा उनकी छवि खराब करने को सीबीआइ का दुरुपयोग करती है। कांग्रेस व अन्य दल भी बसपा के बढ़ते मिशन से चिंतित है। तरह तरह की साजिश की जा रही है परन्तु संतों गुरुओं व महापुरुषों के अधूरे मिशन को हरहाल में पूरा किया जाएगा। चाहे तो मुझे फांसी के फंदे पर क्यों न लटकवा दें।

आरक्षण व्यवस्था में छेड़छाड़ बर्दास्त न होगी :

मुसलमानों को रिझाने के साथ ही मायावती दलितों में बसपा की पकड़ को मजबूत बनाए रखने के लिए भी चिंतित दिखी। प्रोन्नति में आरक्षण के मसले पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, भाजपा के साथ सपा पर भी सवाल खड़े किए। पदावनति को सपा सरकार की उत्पीडऩात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का गलत प्रयोग किया जा रहा है। आरक्षण समीक्षा के प्रस्ताव पर संघ पर बरसी और मोदी के मौन पर हैरत भी जतायी। दो टूक कहा कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।

पीडि़तों को राहत में सियासत :

मायावती ने सपा सरकार पर पीडि़तों को आर्थिक सहायता देने में पक्षपात करने का आरोप लगाया। यादव बिरादरी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई दलित, मुस्लिम, पिछड़ा या अपर कास्ट का व्यक्ति मरता है तो पीडि़त परिजनों को न सहायता मिलती है और न नौकरी। बिसाहड़ा कांड में बसपा व मीडिया के दबाव में सरकार द्वारा सहायता प्रदान की गयी।