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सिंचाई आसान, पेयजल सुरक्षित: योगी सरकार की जल नीति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत

Published: Mon, 26 Jan 2026 03:07 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 'मिशन जल संचय' ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को दूर ...और पढ़ें

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डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में जल संकट अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले पौने नौ वर्षों से चल रहे 'मिशन जल संचय' ने अब एक व्यापक क्रांति का रूप ले लिया है। भूजल संरक्षण को केवल पर्यावरण तक सीमित न रखकर इसे कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से जोड़ दिया गया है। अटल भूजल योजना और 'कैच द रेन' जैसे अभियानों के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के जल-तनावग्रस्त क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

डिजिटल निगरानी: अब पानी के हर कतरे का होगा हिसाब

योगी सरकार ने जल प्रबंधन में तकनीक को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। प्रदेश में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की गई है:

  • स्मार्ट तकनीक का उपयोग: प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 550 डिजिटल वॉटर लेवल रिकॉर्डर और 392 एनालॉग संकेतक स्थापित किए गए हैं।

  • त्वरित निर्णय: इस वैज्ञानिक व्यवस्था से प्रशासन को भूजल स्तर गिरने की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जिससे समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • वैज्ञानिक डेटा: सटीक आंकड़ों की उपलब्धता ने डेटा-आधारित नीतियों के निर्माण को आसान बना दिया है।

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खेतों तक पहुँचा पानी, किसानों के चेहरे पर मुस्कान

अटल भूजल योजना का सबसे गहरा प्रभाव उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था पर पड़ा है। प्रदेश के 26,945 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सक्षम जल उपयोग की विधियों को बढ़ावा दिया गया है।

"राष्ट्रीय स्तर पर हुए 39.60 लाख कृत्रिम भूजल पुनर्भरण कार्यों का सीधा लाभ यूपी के ग्रामीण इलाकों को मिला है, जिससे न केवल सिंचाई आसान हुई है, बल्कि ग्रामीण पेयजल की आपूर्ति भी सुरक्षित हुई है।"

जन-भागीदारी और संचयन का मॉडल

'कैच द रेन' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में तालाबों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए एक व्यापक जन-आंदोलन चलाया गया। हजारों जल संरचनाओं के निर्माण ने वर्षा जल के संचयन को संभव बनाया, जिससे गिरता हुआ भूजल स्तर फिर से ऊपर उठने लगा है।

भविष्य की सुरक्षा: जल आत्मनिर्भर यूपी

डबल इंजन सरकार के मॉडल ने विकास और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ दिया है। यह रणनीति न केवल वर्तमान की प्यास बुझा रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक 'जल आत्मनिर्भर' राज्य बनाने की दिशा में भी अग्रसर है। तकनीक, जन-भागीदारी और सरकारी संकल्प के इस संगम से प्रदेश के गांवों का भविष्य अब अधिक सुरक्षित और हरा-भरा दिखाई दे रहा है।