लखनऊ, जेएनएन। गर्मी के दिनों में बोगियों में बीच रास्ते पानी खत्म होने के कारण होने वाली ट्रेनों की लेट लतीफी कुछ कम हो सकेगी। रेलवे मार्च से पहले लखनऊ सहित बड़े स्टेशनों पर सुपरविजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन (स्काडा) के जरिए ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था लागू करेगा। इससे बोगियों में केवल पांच मिनट में ही पानी भरा जा सकेगा।

हर बोगी में चार शौचालय होते हैं। एक शौचालय पर 450 लीटर की एक टंकी होती है। इस तरह एक बोगी में 1800 लीटर पानी ट्रेन के आरंभिक स्टेशन से भरा जाता है। इन दिनों 24 बोगियों वाली ट्रेन में 43 हजार 200 लीटर पानी की जरूरत होती है। गर्मी में यह पानी बीच रास्ते ही खत्म हो जाता है। लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को अधिक पानी की जरूरत होती है। गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस और पंजाब मेल सहित लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों का गर्मी में पानी को लेकर अक्सर हंगामा भी होता है।

रेलवे ने हर 300 से 400 किलोमीटर की दूरी पर ट्रेनों में पानी भरने के लिए प्लेटफार्मों पर पाइप लाइन बिछाई है। पानी भरने के लिए अभी चार इंच पाइप का इस्तेमाल होता है। जिसमें प्रेशर कम होने के कारण पानी भरने में 20 से 25 मिनट का समय लगता है। रेलवे मार्च से पहले हर प्लेटफार्म पर छह इंच पाइप लाइन से जलापूर्ति की व्यवस्था करेगा। इसके लिए मोटर की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। अब 40 हार्सपावर के पंप लगाने की तैयारी है। रेलवे बोर्ड के सदस्य रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल ने सभी जोनल को दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। लखनऊ मंडल में इंजीनियरिंग अनुभाग के एक अधिकारी के मुताबिक चारबाग स्टेशन पर जलापूर्ति की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

Posted By: Anurag Gupta

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