लखनऊ, जागरण संवाददाता। हाथ धोने से वायरस-बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के खतरे को 30 से 40 फीसद तक कम किया जा सकता है। दुनिया भर में 15 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ग्लोबल हैंड वाशिंग डे के मौके पर संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में माइक्रोबॉयोलॉजी की विभागाध्यक्ष डा. उज्जवला घोषाल ने कहा कि हाथ को साफ करते रहने से विभिन्न अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि कोरोना जैसा गंभीर संक्रमण भी 30 से 40 फीसद तक कम किया जा सकता है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो, उनमें 60 फीसद तक संक्रमण हाथ को नियमित धोने से कम हो सकते हैं। वहीं सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों के मामले में संक्रमण 21 से 60 फीसद तक कम हो सकता है।

रेस्पिरेट्री व हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी में भी 35 40 फीसद तक संक्रमण हाथ को साफ रखने से कम हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह जानना बहुत जरूरी है कि लोगों को हाथ कब धोना है। खाना बनाने से पहले व बनाने के बाद, खाना खाने से पहले व उसके बाद, बच्चों के संपर्क में आने व उन्हें खिलाने-पिलाने से पहले और उसके बाद, शौच के बाद, जानवरों को छूने व साफ-सफाई के बाद। हाथ धोने के लिए सबसे उपयुक्त लिक्विड साबुन का इस्तेमाल होता है। इससे संक्रमण एक दूसरे में जाने की संभावना नहीं होती। सबसे पहले हाथ धोते समय उसे पूरी तरह भिगो लें, फिर अच्छे से साबुन लगाएं। दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें, उसके बाद बायें हाथ से दाएं हाथ व दाएं हाथ से बाएं हाथ के हिस्से को अच्छी तरह धुलें। इसके बाद उंगिलयों को आपस में फंसाकर रगड़ते हुए साफ करें। दोनों हाथ की उंगिलयों को एक दूसरे हाथ की गद्दी पर रखते हुए घुमाएं और साफ करें। पानी से अच्छी तरह फिर हाथ को साफ कर लें। वर्ष 2008 में 15 अक्टूबर को पहली बार ग्लोबल हैंड वाङ्क्षशग डे मनाया गया था। इस बार की थीम अपना भविष्य अपने हाथों में है।

Edited By: Vikas Mishra