लखनऊ(जेएनएन)। बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में शनिवार देर रात दोबारा हुए क्राइम सीन रीक्रिएशन में हत्याकांड की गुत्थी और उलझ गई। पहले और दूसरे रीक्रिएशन के दौरान घटनाक्रम में बड़ा अंतर सामने आया। वहीं, हत्यारोपितों को बयानों में भी विरोधाभास मिला। 

विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपित प्रशांत चौधरी और संदीप को लेकर क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए शनिवार रात समय करीब 01:48 बजे एसआइटी प्रभारी आइजी रेंज सुजीत पांडेय टीम के साथ गोमतीनगर क्षेत्र स्थित घटनास्थल मकदूमपुर चौकी के पास पहुंचे। इसके बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी और फोरेंसिक टीम पहुंची। आइजी ने आरोपितों को कार में रही रखने के निर्देश दिए।

इसके बाद घटनास्थल पर खड़े आइजी ने कार में बैठे आरोपित प्रशांत से फोन पर बात की और घटना के दिन विवेक तिवारी की कार की लोकेशन के बारे में पूछा। प्रशांत द्वारा लोकेशन बताए जाने पर एक्सयूवी ठीक उसी स्थान पर खड़ी की गई। बाइक से दो सिपाही सामने से आए। इसके बाद आरोपित संदीप को मौके पर लाया गया। रीक्रिएशन के दौरान उसने बताया कि विवेक की कार खड़ी थी और उसकी लाइट बंद थी।

 

सामने से वह बाइक से पहुंचे तो कार की लाइट जली। संदीप ने बताया कि वह बाइक से उतर कर कार की खिड़की के पास पहुंचा जिस ओर सना बैठी थी। जबकि प्रशांत बाइक पर बैठा रहा। इसके बाद प्रशांत को मौके पर लाया गया। जबकि पहले रीक्रिएशन में सना ने पुलिस को बताया था कि विवेक की गाड़ी चल रही थी और उसकी लाइट जल रही थी।

वहीं, दूसरे रीक्रिएशन के दौरान संदीप ने बताया कि विवेक की गाड़ी खड़ी थी और उसकी लाइट भी बंद थी। जब वह सामने से पहुंचे तो कार में बैठे विवेक ने लाइट जलाई थी। रविवार तड़के तक हत्याकांड का रीक्रिएशन चलता रहा।

 रिमांड का कीमती वक्त गंवाया

एक तरफ जहां पुलिस कोर्ट से तीन दिन का रिमांड मांग रही थी वही दूसरी तरफ स्वीकृति मिलने के बाद शनिवार की सुबह दोनों को जेल से निकालने के बजाय शाम छह बजे के बाद बाहर लेकर आई। बहुचर्चित मामले में पुलिस ने रिमांड का कीमती वक्त जाया कर दिया और घंटों की देरी से वहां पहुंची। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर भी तमाम सवाल खड़े हो गए हैं।

रिमांड पर पुलिस ने प्रशांत से पूछा, ‘क्यों किया था फायर’

हत्याकांड के आरोपित प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को रिमांड पर लेकर पुलिस ने कड़ी पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि अब तक की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि महज 60 से 90 सेकेंड ही आरोपितों का विवेक और सना से आमना सामना हुआ था। इसी बीच प्रशांत ने गोली चलाई थी।

 रिमांड पर पुलिस ने प्रशांत से गोली चलाने का कारण पूछा। यही नहीं पूर्व में एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर उनसे सवाल जवाब किए गए। पुलिस ने प्रशांत से पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि उसे गोली चलानी पड़ी? सूत्रों की मानें तो एसआइटी टीम को कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे घटना लगभग स्पष्ट हो गई है। टीम को बस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। एसआइटी आरोपितों के घरवालों से भी पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि प्रशांत और संदीप ने उन लोगों को 28/29 की रात में हुई घटना के बारे में क्या जानकारी दी है। 

आरोपितों को देर शाम जेल से लेकर निकली पुलिस 

आरोपितों का रिमांड मिलने के बाद शनिवार देर शाम पुलिस टीम जेल पहुंची। इसके बाद प्रशांत और संदीप को पुलिस कस्टडी में लेकर रवाना हो गई। पुलिस ने देर रात तक आइजी ऑफिस में दोनों से अलग-अलग पूछताछ की और पूर्व में दर्ज किए गए बयानों से उसका मेल कराया। यही नहीं घटना की रात में आरोपितों के बयान का उनके मेडिकल रिपोर्ट से भी मेल कराया गया और दोनों से जवाब मांगे गए। 

Posted By: Anurag Gupta