लखनऊ, जेएनएन। कानपुर कांड का मुख्य आरोपित फरार होने के दौरान बड़ी आसानी से अपने ठिकाने बदल रहा था और इस बीच वह नोएडा में एक वकील से भी मिला था। वह कोर्ट में समर्पण करने की फिराक में वकील के पास पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार उज्जैन से कानपुर लाए जाने के दौरान विकास दुबे ने एसटीएफ की पूछताछ में ऐसे कई राज उगले थे। उसने फरारी के दौरान मदद करने वाले कई लोगों के नाम भी बताए।

शातिर विकास दुबे फरीदाबाद से नोएडा गया था और वकील से मिलकर फिर फरीदाबाद वापस आया था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लग सकी थी। कानपुर कांड के बाद जब पूरे प्रदेश में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर थी, तब विकास अपने साथियों की मदद से आसानी से चारों ओर मूवमेंट कर रहा था। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में विकास ने बताया कि वह दो दिनों तक कानपुर देहात के शिवली में अपने परिचित के घर पर रुकने के बाद एक निजी वाहन से नोएडा होते हुए फरीदाबाद पहुंचा था।

विकास दुबे ने यह भी बताया कि नोएडा में वह जिस वकील से कोर्ट में समर्पण की अर्जी दाखिल करने के सिलसिले में मिला था, उन्होंने 50 हजार रुपये मांगे थे। वह रकम तत्काल देने में असमर्थ था, इसलिए वकील को परिचित से रकम का ऑनलाइन भुगतान कराने का भरोसा दिलाया था। उसने कानपुर पुलिस के कई कर्मियों को अपनी आवासीय योजना में प्लॉट भी देने की बात भी बताई।

लखनऊ में ही शरण लिए रही पत्नी : विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दो जुलाई की रात विकास ने उसे फोन कर भागने को कहा था, जिसके बाद रिचा ने लखनऊ में कृष्णानगर के विजयनगर स्थित भगवती विहार में एक परिचित दंपती के घर शरण ली थी। वह बेटे के साथ परिचित दंपती के मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में छिपी रही और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

Posted By: Umesh Tiwari

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