लखनऊ, जेएनएन। Vikas Dubey News Update:  उज्जैन से गिरफ्तार कर कानपुर लाए जाने के दौरान एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में विकास की मौत की सूचना मिलने के बाद कृष्णानगर के इंद्रलोक कॉलोनी स्थित आरोपित के भाई दीप प्रकाश के घर के बाहर शुक्रवार को सन्नाटा पसारा रहा। विकास की मां सरला, उसके उसके भाई की पत्नी अंजलि व परिवार के अन्य सदस्य शुक्रवार सुबह से लेकर देर रात तक घर से बाहर नहीं निकले।

पुलिस के मुताबिक परिवार के सदस्यों ने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया है और वह किसी से मिलना नहीं चाहते हैं। दरअसल, पूरे दिन दीप प्रकाश के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी भी मौजूद रहे। हालांकि किसी को भी घर के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिली। एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक पुलिस ने विकास के घर वालों से संपर्क कर उन्हें कानपुर जाने के संबंध में पूछा था। इस पर परिवार के लोगों ने कानपुर जाने से इंकार कर दिया।

पुलिस का दावा है कि घरवालों को वाहन मुहैया कर कड़ी सुरक्षा में विकास के शव का अंतिम दर्शन कराने के लिए वहां ले जाने के लिए पूछा गया था, लेकिन कोई भी व्यक्ति कानपुर जाने को तैयार नहीं हुआ। कॉलोनी में भी सन्नाटा पसरा था। पड़ोसियों ने भी इस पूरे प्रकरण में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का कड़ा पहरा यह इशारा कर रहा है कि परिवार के लोगों को पुलिस ने नजरबंद कर रखा है। खास बात यह है कि दोपहर बाद पुलिस ने सादी वर्दी में एक महिला कॉन्स्टेबल को यह कहकर घर के भीतर दाखिल किया कि वह विकास के परिवार की रिश्तेदार हैं। हालांकि पूरे दिन दीप प्रकाश के घर के बाहर सादे वर्दी में महिला पुलिसकर्मी भी मुस्तैद थीं।

रिचा के लखनऊ में होने के कयास 

विकास की पत्नी रिचा को एसटीएफ गुरुवार रात में कानपुर लेकर गई थी। पूछताछ के बाद कानपुर पुलिस व एसटीएफ ने यह दावा किया कि रिचा को उनके रिश्तेदार के साथ लखनऊ भेज दिया गया है। हालांकि देर शाम तक रिचा का कोई पता नहीं चला। लखनऊ पुलिस ने भी रिचा के राजधानी में होने की सूचना से इनकार किया। उधर, रिचा के मकान के बाहर भी शुक्रवार को पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। रिचा के लखनऊ में होने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका।

विकास दुबे एनकाउंटर टाइमलाइन

  • 9 जुलाई: मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार किया। प्रभात मिश्रा और बऊआ दुबे एनकाउंटर में मारे गए।
  • 9 जुलाई : विकास की पत्नी रिचा भी बेटे के साथ कृष्णानगर के इंद्रलोक कॉलोनी स्थित अपने मकान के पास से पकड़ी गई। कृष्णा नगर पुलिस की मदद से रिचा को हिरासत में ले लिया। कृष्णा नगर पुलिस ने विकास के नौकर महेश को पकड़ कर एसटीएफ के हवाले कर दिया। 
  • 9 जुलाई : देर रात 3:15 बजे झांसी बॉर्डर से एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई। 
  • 10 जुलाई: सुबह करीब 4:45 बजे एसटीएफ की टीम उरई के एट टोल से विकास दुबे को लेकर निकली है। 
  • 5.20 बजे - जालौन जिले के आटा टोल प्लाजा से विकास दुबे को लेकर काफिला निकला।
  • 5:38 बजे - कालपी का यमुना पुल पार कर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश कर गया।
  • 6:28 बजे - तीन गाड़ियों से एसटीएफ विकास दुबे को लेकर बारा टोल कानपुर देहात से कानपुर नगर की तरफ रवाना हुई।
  • 6:34  बजे - कानपुर देहात बॉर्डर रायपुर से नगर में प्रवेश किया।
  • एसटीएफ की गाड़ी पलटने की सूचना आई। विकास के अधिकारी की पिस्टल छीनकर गोली चलाने की सूचना। 
  • एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल विकास को गंभीर हालत में हैलट अस्पताल में कराया गया भर्ती। 
  • डॉक्टरों ने अपराधी विकास दुबे को मृत घोषित किया।  

 

Posted By: Divyansh Rastogi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस