लखनऊ, जेएनएन। कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे मारा जा चुका है, लेकिन उसकी काली कमाई से खड़ा साम्राज्य अब भी खड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर में अब विकास दुबे के परिवार से लेकर उसके गुर्गों के नाम तक दर्ज काली कमाई से जुटाई गई संपत्तियां आ गई हैं। कानपुर पुलिस से एफआइआर समेत कुछ दस्तावेज हासिल करने के बाद ईडी जल्द दोबारा कानपुर पुलिस से संपर्क करने की तैयारी में है। लखनऊ स्थित ईडी के जोनल मुख्यालय के ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह का कहना है कि कानपुर पुलिस से विकास दुबे व उसके साथियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों, उनके विरुद्ध कोर्ट में दाखिल किए गए आरोपपत्र, संपत्तियों, बैंक खातों का ब्योरा व अन्य जानकारियां मांगी गई हैं। बताया गया कि ईडी ने आयकर विभाग से विकास गैंग और करीबियों के बीते सालों में दाखिल किए गये इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी भी मांगी है।

प्रवर्तन निदेशालय (इंफोर्समेंट डायक्टरेट) ने विकास दुबे की सभी अघोषित तथा घोषित संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विकास के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई है। पुलिस महानिरीक्षक कानपुर से ब्योरा मांगा गया है कि विकास दुबे के सहयोगियों से पुलिस को क्या-क्या मिला है। कानपुर में विकास दुबे तथा उसके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद मामले का ईडी ने संज्ञान लिया और कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक से सारी जानकारी मांगी है। ईडी को जानकारी मिली है कि बीते तीन वर्ष में विकास दुबे ने 15 देशों की यात्रा की थी। संयुक्त अरब अमीरात और थाईलैंड में एक-एक पेंटहाउस भी खरीदा था। इसके बाद हाल में ही उसने लखनऊ में लगभग 20 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी। लखनऊ में मकान की कीमत 20 करोड़ है जबकि कानपुर में विकास दुबे के कई मकान हैं। कानपुर के पनकी में दुबे की एक ड्यूप्लैक्स कोठी है। वहां पर विकास के पास 11 घर और 16 फ्लैट्स है। 

ईडी ने कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों का आर्थिक ब्यौरा मांगा है। ईडी ने विकास के परिवार के सदस्यों तथा सहयोगियों उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है। ईडी की एक टीम तीन दिन पहले बुधवार को कानपुर पुलिस और अधिकारियों के साथ संपर्क करके औपचारिक तौर पर विकास दुबे से संबंधित एफआईआर सहित कई दस्तावेजों को लेकर लखनऊ आई थी। 

इस मामले में अब यह जानकारी मिल रही है कि उन दस्तावेजों को आधार बनाकर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करेगी और उसके बाद विकास दुबे के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर सकती है। विकास दुबे के खिलाफ यूपी में तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें कई ऐसे भी गंभीर केस हैं जिनको आधार बनाकर ईडी की टीम आराम से पीएमएलए का केस बना सकती है। विकास दुबे के खिलाफ अगर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई होती है तो उसकी कई अवैध संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है। इसके साथ ही यूपी, राजस्थान स्थित उसकी कई अवैध चल और अचल संपत्तियों को सीज किया जा सकता है।

विकास दुबे पर ईडी का शिकंजा कसने के साथ ही उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब एसटीएफ की टीम विकास दुबे के मामले में एक बार फिर उज्जैन जाएगी। वहां पर विकास दुबे के शराब कारोबारी से कनेक्शन की जांच होगी। विकास दुबे के उज्जैन में प्रवास के दौरान शराब कारोबारी ने विकास की मदद की थी। उसको भी मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके साथ ही एसटीएफ महाकाल मंदिर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरा को खंगालेगी। वहां पर एसटीएफ विकास की मदद करने वालों से भी पूछताछ करेगी।

Posted By: Dharmendra Pandey

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