लखीमपुर, संवाद सूत्र। खीरी हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा व चालक हरिओम मिश्रा के परिवारजन बुधवार को डीएम डॉ. अरविंद चौरसिया से मिले। दोनों परिवारों ने सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि उनके घर के आसपास मुंह बांधकर संदिग्ध घूम रहे हैं, जिनसे उन्हें कभी भी खतरा हो सकता है। परिवारजन पुलिस की कार्रवाई से भी संतुष्ट नहीं हैं। शुभम के पिता विजय मिश्र ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शस्त्र लाइसेंस के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय भी मांगा। 

परिवारजन ने कहा कि आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए। अभी दो ही आरोपित गिरफ्तार हुए हैं, जबकि इस मामले में कई अन्य आरोपी गिरफ्तारी से बचे हुए हैं। कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवारों को नौकरी देने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हरिओम के चाचा चंद्रभान मिश्र का कहना है कि उनके घर के आसपास कई बार संदिग्ध दिखाई पड़े हैं। यही शिकायत शुभम के पिता विजय मिश्र की भी थी। उन्होंने कहा कि गांव बरौला में बने फार्म के आसपास लगातार संदिग्ध देखे जा रहे हैं।

एक-दो सिपाही घरों के आसपास चक्कर तो लगाते हैं, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। विजय मिश्र का कहना है कि शुभम के हत्या की जो तहरीर उन्होंने दी थी, उस पर एफआइआर नहीं दर्ज की गई है, जबकि घायल हुए सुमित जायसवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उनकी तहरीर को उसी में शामिल दिया गया है। यह उन्हें मंजूर नहीं है। उनकी तहरीर पर भी अलग से मुकदमा लिखा जाना चाहिए। रिर्पोट न लिखने के पीछे उन्होंने प्रशासन की मंशा पर सवाल भी खड़े किए। विश्व हिंदू परिषद के आचार्य संजय मिश्रा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह मुकदमें की दिशा बदल रहा है। जिसका लाभ दूसरे पक्ष के आरोपितों को मिलेगा और वह मुकदमें से बरी हो सकते हैं।

Edited By: Vikas Mishra