यूपी चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव: वरुण गांधी को भेज सकती है राज्यसभा, रेस में कई दिग्गज नेता शामिल
भाजपा उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए नए समीकरण साध रही है, जिसमें वरुण गांधी को राज्यसभा भेजने पर विचार किया जा रहा है।

वरुण गांधी को भी राज्य सभा भेज सकती है भाजपा।
HighLights
भाजपा यूपी में नए चुनावी समीकरणों पर कर रही है काम।
वरुण गांधी को राज्यसभा भेजकर मोदी मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा।
जातीय समीकरणों हेतु कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चुनावी वर्ष में भाजपा यूपी में नए समीकरणों और संदेशों के जरिए ताकत बढ़ाने में जुटी है। पार्टी ने राज्य सभा एवं विधान परिषद में प्रभावी और जातीय समीकरणों पर खरे उतरने वाले चेहरों पर मंथन किया है। चर्चा है कि पूर्व सांसद वरुण गांधी का वनवास खत्म करते हुए भाजपा उन्हें उच्च सदन में भेजकर मोदी मंत्रिमंडल में शामिल करने का रास्ता साफ कर सकती है।
पार्टी ने राज्यसभा एवं विधान परिषद चुनाव को भी लोकसभा की तरह गंभीरता से लड़ने की बात कहकर विरोधी दलों को संदेश दे दिया कि मिशन-2027 में कोई चूक नहीं की जाएगी।
वरुण भाजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहने के साथ ही वर्ष 2009 में सुलतानपुर एवं 2019 में पीलीभीत से सांसद रह चुके हैं लेकिन पार्टी ने वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव में उनकी मां मेनका गांधी को तो सुलतानपुर से चुनाव लड़ाया, लेकिन कई अवसरों पर पार्टी की नीतियों की आलोचना करने की वजह से वरुण को तीसरी बार टिकट नहीं मिला।
वरुण गांधी ने पीएम मोदी से की थी मुलाकात
दो साल से ज्यादा समय से राजनीति से दूर वरुण इसी साल मार्च में परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे। उन्होंने मोदी के लिए कहा था कि उनसे अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव मिला। तभी से कयास लग रहा है कि भाजपा में उन्हें विशेष तवज्जो मिल सकती है। पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं 2018 से 2024 तक राज्यसभा सदस्य रहे अनिल जैन का नाम रेस में आगे बताया जा रहा है।
चर्चा में कई दिग्गज नेताओं के नाम
पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाटों के बीच समीकरण मजबूत करने के लिए पार्टी पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह एवं संजीव बालियान में से किसी को अवसर दे सकती है। ब्राह्मणों के बीच पैठ पढ़ाने एवं संदेश देने के लिए राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के अलावा मथुरा के विधायक एवं हिमाचल के प्रभारी श्रीकांत शर्मा का नाम भी चर्चा में है।
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा लोध वर्ग से आते हैं, जिनको जातीय समीकरण के तहत फिर उच्च सदन भेजा जा सकता है। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल की भी दावेदारी बताई जा रही है।
अनुसूचित वर्ग में पार्टी जुगल किशोर, पूर्व सांसद विद्या सागर सोनकर के साथ ही प्रदेश मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया समेत कई अन्य नामों को मथ रही है। संख्याबल के आधार पर भाजपा दस में से सात सीटें आसानी से जीत जाएगी, लेकिन आठवीं सीट के लिए भाजपा को सुभासपा की तरफ देखना पड़ सकता है।
