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'लोकल टू ग्लोबल' होगी काशी की कला, ट्रेड शो में बनारस के 45 उद्यमी दिखाएंगे हुनर; बनारसी पान भी महकाएगा एक्सपो

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:59 PM (IST)

काशी के 45 उद्यमी 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' में अपने पारंपरिक ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अपनी प्राचीन विरासत, समृद्ध धरोहर और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए विश्व विख्यात काशी अब आधुनिक बाजार में अपने उत्पादों का डंका बजाने को तैयार है। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS) के चौथे संस्करण में काशी का रंग-रूप, पहनावा और स्वाद सब कुछ एक ही छत के नीचे नजर आएगा। बनारसी सिल्क साड़ी की चमक से लेकर लकड़ी के खिलौनों और गुलाबी मीनाकारी की बारीकी तक, यहां बनारस के हुनर को एक बड़ा वैश्विक मंच मिलने जा रहा है।

पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक रेंज भी शामिल

वाराणसी जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी के अनुसार, इस भव्य ट्रेड शो के लिए जिले के 45 उद्यमियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), जीआई उत्पाद, एक जिला एक व्यंजन (ODOC) और 'मुख्यमंत्री युवा योजना' से जुड़े उद्यमी शामिल हैं। इस आयोजन में केवल पारंपरिक शिल्प ही नहीं, बल्कि विदेशी मांग के अनुरूप तैयार किए जा रहे कंटेनर्स बैग, मल्टीफिलामेंट यार्न और प्राकृतिक वेलनेस उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगेगी, जो काशी के बदलते कारोबारी परिवेश को दर्शाएगी।

तिरंगी बर्फी, लौंगलता और बनारसी पान का भी सजेगा बाजार

ट्रेड शो में जाने वाले खरीदारों को काशी की कला के साथ-साथ बनारस के खास जायके का भी लुत्फ मिलेगा। ओडीओसी (एक जिला एक व्यंजन) के तहत बनारस की मशहूर लौंगलता, तिरंगी बर्फी और विश्व प्रसिद्ध बनारसी पान का स्टॉल भी लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को बड़े बाजारों तक पहुंचाकर फूड टूरिज्म और व्यापार को नई दिशा देना है।

उद्यमियों की आवाज: लोकल उत्पादों को मिलेगा ग्लोबल मार्केट

ट्रेड शो को लेकर स्थानीय उद्यमियों में भारी उत्साह है। गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी कुंज बिहारी और 'वुडेन लेकर वेयर' (लकड़ी के खिलौने) उद्योग से जुड़ी अमृता सिंह का मानना है कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक शिल्प को नए खरीदार और बड़ा बाजार मिलता है। वहीं, 'सीएम युवा योजना' की लाभार्थी और प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद बनाने वाली कंपनी 'श्री विधि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स' की निदेशक अदिति सिंह कहती हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह मंच युवा और महिला उद्यमियों के सपनों को पंख देने का काम करता है।

विशेषज्ञों की नजर में: अर्थव्यवस्था को मिलेगी संजीवनी

द स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया का कहना है कि यह ट्रेड शो पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश के एमएसएमई और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने, नई तकनीक अपनाने और नए ऑर्डर मिलने से न केवल औद्योगिक विस्तार हो रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर मजबूती दे रहे हैं।

एक नजर में: वाराणसी के पंजीकृत उद्यमी (कुल 45)

  • ओडीओपी (ODOP): 15

  • जीआई उत्पाद (GI Products): 10

  • एमएसएमई (MSME): 7

  • नए निर्यातक: 7

  • ओडीओसी (व्यंजन): 4

  • पुराने निर्यातक: 1

  • सीएम युवा: 1