लखनऊ, जेएनएन। वैक्सीनेशन के आरंभ काल में स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण के लिए अपील करनी पड़ रही थी, लेकिन अब वैक्सीन के लिए लोग तरस रहे हैं, जबकि पहले बहुत से लोग कोविशील्ड व कोवैक्सिन में बेहतर कौन जानने के चक्कर में भी टीकाकरण केंद्रों पर जाने में देरी कर रहे थे। अब यह स्थिति हो गई है कि जो भी मिल रही उसे लगवा लो, नहीं तो वो भी मिले न मिले। इन दिनों वैक्सीनेशन की मांग की तुलना में आपूर्ति भी सिर्फ 10 से 20 फीसद तक ही रह गई है। रविवार को सोमवार से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन के लिए 15 मई तक के स्लाट सिर्फ 15 मिनट में ही फुल हो गए। इससे समझा जा सकता है कि वैक्सीनेशन की डिमांड इन दिनों कितनी अधिक है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमके सि‍ंह ने बताया कि रोजाना 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सिर्फ 4000 लोगों को वैक्सीनेशन स्लाट दिया गया है। 15 मई तक यह स्लाट फुल हो चुका है। अब इसके बाद वैक्सीन आने पर स्लाट दोबारा खोला जाएगा। इस बार सभी 11 केंद्रों पर कोविशील्ड की डोज लगाई जाएगी। निजी केंद्रों पर वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि फ्रंटलाइन वर्करों, स्वास्थ्यकर्मियोंं, बुजुर्गों व बीमारों को पूर्व की तरह पहली व दूसरी डोज मिलती रहेगी। इस बार वैक्सीनेशन 100 फीसद आनलाइन कर दिया गया है। यानी जो आनलाइन बुकि‍ंग नहीं कर पा रहे उन्हें वैक्सीनेशन का मौका फिलहाल नहीं मिल पा रहा।

यहां लगेगी वैक्सीन: केजीएमयू, एसजीपीजीआइ, लोहिया संस्थान, लोकबंधु, बलरामपुर अस्पताल, आरएलबी, बीआरडी, सिविल व शहरी बीएमसी इत्यादि।

गरीब हो रहे टीके से वंचित: वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी तरह से आनलाइन कर दिए जाने से गरीब व कम पढ़े-लिखे लोग वैक्सीनेशन से वंचित हो रहे हैं। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है या जो कम पढ़े लिखे हैं वह आनलाइन वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं।