लखनऊ, जेएनएन। संस्कृत विषय में आइएएस-पीसीएस की तैयारी करने वालों को मिलेगा मौका देव भाषा संस्कृत न केवल वेद पुराणों की भाषा है बल्कि यह हमारी वैदिक संस्कृति का प्रतीक भी है। विकास के इस डिजिटल युग में संस्कृत काे मुख्यधारा में लाने की कवायद के बीच आइएएस और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है।

उप्र संस्कृत संस्थानम् के अध्यक्ष डॉ.वाचस्पति मिश्रा ने बताया कि संस्कृत विषय से प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए निश्शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि संस्थान की वेबसाइट upsanskritsansthanam.in पर पंजीयन कराया जा सकता है। 15 अक्टूबर तक पंजीयन होगा। 21 से 35 वर्ष के युवा पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही कांवेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अंदर संस्कृत के प्रति लगाव पैदा करने के लिए जिला स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। जिले के साथ ही ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण का इंतजाम किया जा रहा है। कोरोना काल में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।भाषा के प्रति बढ़ा भरोसा राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के आचार्य पवन कुमार दीक्षित का कहना है कि संस्कृत को लेकर अब युवाओं में दिलचस्पी बढ़ी है। आइपीएस डॉ. मीनाक्षी ने संस्कृत पढ़कर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की। वाट्सएप यूनिवर्सिटी के दौर में बेरहमी से विघटित होती भाषा को सहेजने की बड़ी पहल उर्दू को जवां बनाए रखने वाली नवाबी नगरी ने की है। खासकर उस संस्कृत के लिए जिसे लिखना-पढ़ना छोड़ दें, कठिन बताकर नौजवान पीढ़ी लगभग भुला ही चुकी है। संस्कृत संस्थानम् का प्रयास सराहनीय है।

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