लखनऊ [जितेंद्र उपाध्याय]। आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की उद्यान विभाग की मंशा के सापेक्ष अब महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। राजधानी समेत प्रदेश की एक लाख महिलाओं को निश्शुल्क ट्रेनिंग के लिए क्षेत्रीय खाद्य शोध एवं अनुसंधान केंद्र ने प्रशिक्षण का खाका तैयार कर लिया है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रवासी महिला श्रमिकों को मिलेगी राहत: आम, अमरूद, लीची व आंवला के बागवानों को फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश में 370 फूड प्रोसेसिंग की छोटी बड़ी यूनिटों की स्थापना की जाएगी। इनके लगने से प्रवासी महिला श्रमिकों को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। अकेले फूड प्रोसेसिंग यूनिट से 25750 को सीधे और 33210 श्रमिकों को इसके माध्यम से रोजगार मिलेगा।

उद्यान विभाग यहां लगाया यूनिट: प्रदेश में राजधानी के मलिहाबाद समेत प्रदेश के 13 जिलों के 15 आम बेल्ट में यूनिट लगेंगी। इनमे लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, मेरठ, उन्नाव, बुलंदशहर, अमरोहा,सीतापुर,सहारनपुर, बागपत, प्रतापगढ़, वारासणी व हरदोई शामिल हैं। फूड प्रोसेसिंग के अलावा राइस मिल, फ्लोर मिल,, दलहन प्रसंस्करण, तिलहन व सब्जी प्रसंस्करण की यूनिट भी लगेंगी।

महिलाओं मिलेगा आनलाइन प्रशिक्षण: शहरी आजीविका मिशन और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत काम करने वाले संस्था शीमार्ट इंडिया को ऑनलाइन ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी दी गई है। संस्था की एमडी रमा तिवारी ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य शोध एवं हनुसंधान केंद्र के निदेशक डा.एसके चौहान के साथ अनुबंध हो गया है। सुरक्षा के चलते आनलाइन डिजिटल ट्रेनिंग दी जाएगी।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक डा.आरके तोमर ने कहा कि बागवानों को फायदा देने और सरकार की मंशा के अनुरूप प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के उद्देश्य को लेकर यूनिट लगाई जा रही हैं। प्रोसेसिंग के साथ ही बागवानी, मधुमक्खी पालन के साथ ही स्वरोजगार का प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से बजट भी जारी कर दिया गया है। महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा। संक्रमण काल मेें उन्हें राहम मिलेगी।

Edited By: Rafiya Naz

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