लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वार्षिक परीक्षा 2020 के नतीजे बुधवार को घोषित कर दिए गए। इस बार बोर्ड परीक्षा में 81.99 फीसद छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। इस परीक्षा में फिर बालिकाओं ने बाजी मारी है। पास होने वाली बालिकाओं का प्रतिशत 84.42 है। वहीं, बालक 79.86 फीसद पास हुए हैं। 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये, टेबलेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पहले परिणाम 30 जून को घोषित होना था, लेकिन इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया। परीक्षार्थी अपना परिणाम मदरसा बोर्ड की वेबसाइट madarsaboard.upsdc.gov.in पर जाकर चेक कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सेकेंडरी (मुंसी/मौलवी), सीनियर सेकेंडरी (आलिम), कालिम और फाजिल की वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से पांच मार्च तक प्रदेश के 552 केंद्रों में करवाई थीं। मदरसा बोर्ड परीक्षा में कुल एक लाख 82 हजार 259 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 97 हजार 348 छात्र और 84 हजार 911 छात्राएं थीं। परीक्षार्थियों में कुल एक लाख 28 हजार छात्र-छात्राएं संस्थागत और 44 हजार 57 छात्र-छात्राएं व्यक्तिगत थे। बोर्ड परीक्षा में उपस्थित एक लाख 41 हजार 52 परीक्षार्थियों में से एक लाख 15 हजार 650 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में बालकों की संख्या 60,175 और बालिकाओं की संख्या 55457 है। 

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सेकेंडरी (मुंसी/मौलवी), सीनियर सेकेंडरी (आलिम), कालिम और फाजिल की वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा में 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये, टेबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान राशि का खर्च अरबी-फारसी मदरसा विकास निधि से किया जाएगा। इसके साथ ही सेकेंडरी (मुंसी/मौलवी), सीनियर सेकेंडरी (आलिम) के कंप्यूटर, गणित और विज्ञान विषय में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 51-51 हजार रुपये, टेबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। 

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी मदरसा बोर्ड परीक्षा के परिणाम की घोषणा के साथ कहा कि परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। साथ ही सभी छात्र-छात्राओं से अपेक्षा है कि वे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखेंगे और अपने माता-पिता के साथ देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नंदी ने कहा कि हमारी सरकार की नीति 'सबका साथ सबका विकास' है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा 'एक हाथ में कुरान, एक हाथ में कंप्यूटर' के साथ अल्पसंख्यक समुदाय के सशक्तीकरण की है। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण सभी का और तुष्टीकरण किसी का नहीं की आधार नीति को यथार्त धरातल पर लाने का कार्य सरकार लगातार कर रही है।

Posted By: Umesh Tiwari

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