लखनऊ (जेएनएन)। विधानमंडल के मानसून सत्र में चालू वित्तीय वर्ष का अनुपूरक बजट पेश करने जा रही योगी सरकार को कर राजस्व वसूली ने सुकून दिया है। पिछले साल की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक न सिर्फ कर राजस्व वसूली प्रतिशत में इजाफा हुआ है, करेत्तर राजस्व भी बढ़ा है। कर और करेत्तर राजस्व वसूली में हुई यह वृद्धि अनुपूरक बजट के जरिये विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं को परवान चढ़ाने के लिए ईंधन का काम करेगी।

चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में कर राजस्व की वसूली 42.97 प्रतिशत रही है। पिछले साल जुलाई तक यह लक्ष्य के सापेक्ष 29.83 प्रतिशत ही थी। पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने कर राजस्व के जरिये जहां 1,12,420 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य तय किया था, वहीं वर्तमान वर्ष में इसे बढ़ाकर 1,27,700 रुपये कर दिया गया है।

जीएसटी ने सरकार की झोली भरने में अहम भूमिका निभायी है। चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक हुई 42,974 करोड़ रुपये की कुल कर राजस्व वसूली में जीएसटी और वैट की हिस्सेदारी 26074 करोड़ रुपये है। इसमें जीएसटी से 16,269 करोड़ रुपये और वैट से 9,805 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं। अकेले जुलाई में जीएसटी से प्राप्त होने वाले राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष 114.3 प्रतिशत वसूली हुई है। जुलाई में जीएसटी से 4891.07 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 5589.28 करोड़ रुपये वसूली हुई है। जीएसटी के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 1.15 लाख नए डीलर्स पंजीकृत हुए हैं।

आबकारी शुल्क की वसूली भी पिछले साल की अपेक्षा बेहतर रही। पिछले साल जुलाई तक के लक्ष्य के सापेक्ष 92.2 प्रतिशत वसूली हुई थी, वहीं इस वर्ष यह 105.4 प्रतिशत है। स्टांप एवं निबंधन शुल्क की वसूली में भी पिछले साल की तुलना में इस साल सुधार हुआ है। पिछले वर्ष जुलाई तक लक्ष्य के सापेक्ष 25.6 फीसद वसूली हुई थी जो इस साल बढ़कर 29.7 फीसद हुई है।

नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 52,861 फ्लैट के पूर्णता प्रमाणपत्र जारी हुए हैं, जिससे लगभग 1500 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति की संभावना है। राजस्व पोर्टल के अनुसार वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) में निहित 1900 करोड़ रुपये की धनराशि वसूली योग्य है जिसमें से जुलाई तक 260 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।

परिवहन शुल्क के वसूली प्रतिशत में पिछले साल की तुलना में गिरावट आयी है। पिछले वित्तीय वर्ष में जुलाई तक परिवहन शुल्क के वार्षिक लक्ष्य का 33.5 फीसद वसूला गया था जबकि इस साल यह 31.7 फीसद ही था। परिवहन विभाग के मुताबिक वाहनों की संख्या में छह से सात फीसद वृद्धि के कारण राजस्व में 500 करोड़ रुपये की वृद्धि संभावित है।

वहीं परमिट में 25 फीसद बढ़ोतरी से लगभग 35 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। 2.27 लाख किमी के रूट अधिसूचित हुए हैं, जिससे तकरीबन 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति संभावित है। केंद्र सरकार ने एक्सल वेट में जो बदलाव किया है, उससे 25 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से वसूली की दर में भी इजाफा हुआ है।

वर्तमान वर्ष में करेत्तर राजस्व के जरिये सरकार ने 16128.33 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया था। इसके सापेक्ष जुलाई तक 4337.49 करोड़ रुपये यानि वार्षिक लक्ष्य का 26.89 फीसद हासिल हुआ है। पिछले साल इस अवधि तक सालाना लक्ष्य का 18.46 फीसद करेत्तर राजस्व मिला था। 

Posted By: Ashish Mishra

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