लेखपाल भर्ती 2025: 7994 पदों के लिए 28 हजार शॉर्टलिस्ट, UPSSSC ने कहा- बिना तथ्य के आरोप लगाना माता-पिता को गुमराह करना है
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल भर्ती परीक्षा परिणामों में धांधली के आरोपों को सिरे से खारिज ...और पढ़ें

HighLights
यूपीएसएसएससी ने लेखपाल भर्ती धांधली के आरोप खारिज किए।
परिणाम निष्पक्ष और सॉफ्टवेयर आधारित, कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं।
7994 पदों के लिए 28,409 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट, अगला चरण अभिलेख परीक्षण।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणामों को लेकर उठ रहे सवालों और धांधली के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने स्पष्ट किया है कि परिणाम पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ जारी किए गए हैं। यह पूरी चयन प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित है, जिसके चलते इसमें किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।
आरोप लगाने वाले तथ्य दें, गुमराह न करें
परिणामों पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए सचिव ने कहा कि यदि किसी के पास गड़बड़ी के कोई ठोस तथ्य हैं, तो वह उन्हें सामने रखे। बिना आधार के आरोप लगाना सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कुछ लोग अपनी असफलता छिपाने के लिए अपने माता-पिता को गुमराह कर रहे हैं या किसी बाहरी उद्देश्य से अफवाहें फैला रहे हैं। आयोग लगातार पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं करा रहा है और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
7,994 पदों के लिए 28 हजार से ज्यादा शॉर्टलिस्ट
ज्ञात हो कि यूपीएसएसएससी ने 11 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा 2025 की मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया है। इस बड़ी भर्ती प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में लेखपाल के 7,994 पदों को भरा जाना है। मुख्य परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर कुल 28,409 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर चेक कर सकते हैं।
अगला चरण: अभिलेख परीक्षण (Document Verification)
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों के लिए यह स्थिति भी स्पष्ट कर दी है कि हाल ही में जारी किया गया रिजल्ट केवल मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम है, इसे अंतिम चयन सूची न माना जाए। शॉर्टलिस्ट किए गए सभी 28,409 अभ्यर्थियों को अब अनिवार्य रूप से अभिलेख परीक्षण (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया से गुजरना होगा। दस्तावेजों का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही अंतिम मेरिट सूची और चयनित अभ्यर्थियों के नाम जारी किए जाएंगे।
