लखनऊ, जागरण संवाददाता। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में शहर के मेधावियों का प्रदर्शन शानदार रहा। पूजा गुप्ता ने आल इंडिया 42वीं और दिव्यांशु निगम ने 44वीं रैंक हासिल की। नेशनल अकादमी आफ डायरेक्ट टैक्सेस (एनएडीटी) में कार्यरत विधु शेखर ने 54 वीं रैंक और शिवाक्षी दीक्षित ने 64वीं रैंक हासिल की।

सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए विधु : सरोजनी नायडू मार्ग निवासी विधु शेखर बताते हैं कि उनका लक्ष्य आइएएस बनना था। वर्ष 2018 में उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (इनकम टैक्स) में हुआ। उनकी आल इंडिया रैंक 173 रही। 2019 में हुई परीक्षा में भी उनका चयन हुआ, उसमें उनकी आल इंडिया रैंक 191 रही। वह नागपुर में नेशनल अकादमी आफ डायरेक्ट टैक्सेस (एनएडीटी) में ट्रेनि‍ंग कर रहे हैं। सिविल सेवा की तैयारी से पूर्व उन्होंने आइआइआइटी प्रयागराज से इंजीनियरि‍ंग की पढ़ाई की।

कैंपस प्लेसमेंट में इंजीनियर के पद पर चयनित हुए। साल 2018 में उन्होंने इंजीनियरि‍ंग की नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए। उनके पिता प्रो. निशीथ राय डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। वहीं, मां अनीता राय गृहिणी, बहन शशि राय लखनऊ विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर व बहनोई उत्तराखंड कैडर के आइएएस अधिकारी हैं। 

सपने को हकीकत में बदला : इंदिरा नगर निवासी शिवाक्षी दीक्षित बताती हैं कि आइएएस बनना उनका सपना था। साल 2008 में पिता के निधन के बाद शिवाक्षी खुद को संभाला और लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। आखिरकार उन्होंने अपना मुकाम हासिल किया। शिवाक्षी की मां आरएलबी सर्वोदय नगर में शिक्षिका हैं, पिता स्व. कृष्णकांत दीक्षित यूपी ग्रामीण बैंक में कार्यरत रहे।

 

Edited By: Anurag Gupta