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'भारत टैक्सी' से यूपी में नई क्रांति, 0 प्रतिशत कमीशन और 5 लाख की सुरक्षा; अब गांवों में भी लागू होगा मॉडल

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:51 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ किया है, जो चालकों को जीरो-कमीशन और 5 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपी में 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ, जीरो कमीशन मॉडल।

  2. चालकों को 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का लाभ।

  3. ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से गांवों में भी विस्तार होगा।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने बुधवार को यूपी में 'भारत टैक्सी' को हरी झंडी दिखाई। शुरुआती चरण में इसे लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में लॉन्च किया गया है। यह सिर्फ एक टैक्सी सेवा नहीं है, बल्कि सहकारिता, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को जोड़ने वाला एक ऐसा अनोखा मॉडल है, जिसमें चालकों को हर राइड पर कमीशन देने के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कमाई पर सिर्फ चालक का हक और 5 लाख की सामाजिक सुरक्षा

'भारत टैक्सी' की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। अब तक कैब और ऑटो चालकों को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्लेटफार्म को देना पड़ता था, लेकिन इस नए मॉडल में कमाई पर पूरा हक सिर्फ चालक का होगा। इसके साथ ही, चालकों के लिए 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और टैक्सी चलाने वालों की सुरक्षा के बारे में पहले कभी नहीं सोचा गया। अब इस सुरक्षा के मिलने से चालक बिना किसी चिंता के जिम्मेदारी से अपना काम कर सकेंगे। लॉन्चिंग इवेंट में पांच 'सारथियों' को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।

अब गांवों में दौड़ेगी 'ग्रामीण बस सेवा', युवाओं को मिलेगा रोजगार

'भारत टैक्सी' का विजन सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को निर्देश दिए हैं कि इसी तर्ज पर यूपी में 'ग्रामीण बस सेवा' की शुरुआत की जाए। यानी जो सहकारिता और जीरो-कमीशन का प्रयोग शहरों में टैक्सी के जरिए शुरू हुआ है, उसे गांवों में बसों के माध्यम से विस्तार दिया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की बेहतरीन सुविधाएं विकसित होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

महाकुंभ के सफल प्रयोग से मिली प्रेरणा

इस सेवा में टैक्सी के साथ-साथ बाइक और ऑटो को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक टैक्सी के जरिए श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाने का काम किया। इससे यातायात भी सुगम रहा और लोगों को रोजगार भी मिला। इसी सफल अनुभव के आधार पर 'भारत टैक्सी' के दायरे को व्यापक बनाया जा रहा है ताकि परिवहन व्यवस्था को रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम बनाया जा सके।

एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस के साथ मजबूत नेटवर्क

अपने शुरुआती चरण में ही 'भारत टैक्सी' ने अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं। सेवा को सुचारू और विश्वसनीय बनाने के लिए लखनऊ में एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ एमओयू (MoU) साइन किए गए हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और इंटीग्रेटेड यात्रा का अनुभव मिलेगा। जीरो कमीशन, सामाजिक सुरक्षा और संस्थागत सहयोग का यह मॉडल यूपी के परिवहन सेक्टर में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।