लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) में बिजली कर्मियों की गाढ़ी कमाई का धन डीएचएफसीएल में लगाने के बड़े घोटाले में अब आरोपितों पर शिकंजा कस रहा है।

इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इस घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू (अपराध अनुसंधान शाखा) ने बिजली कर्मियों के पीएफ घोटाले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संदीप गुप्ता की अदालत में आरोपित पावर कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी मिश्र, निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी व सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। कोर्ट ने आरोपपत्र का संज्ञान लेकर शनिवार को तीनों आरोपितों को तलब किया है। पीएफ घोटाले में ईओडब्ल्यू ने अब तक 17 आरोपितों की गिरफ्तारी की है।

उल्लेखनीय है कि शासन ने पीएफ घोटाले के मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने दो नवंबर 2019 को एपी मिश्र, सुधांशु द्विवेदी व पीके गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट में नियमों को दरकिनार कर पीएफ की रकम के करोड़ों रुपये का निजी कंपनी में असुरक्षित निवेश कराए जाने व ऐसा करके अनुचित लाभ कमाने के आरोप लगाए हैं।

ईओडब्ल्यू को एक दिन पूर्व तीन आरोपित अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। ध्यान रहे, डीएचएफएल में भविष्य निधि की रकम निवेश किये जाने का अप्रूवल दे दिया गया था। फर्जी ब्रोकर फर्मों के जरिये करोड़ों का कमीशन खाया गया था। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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