लखनऊ, जेएनएन। UPPCL PF Scam : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले में सीबीआई ने रविवार को तत्कालीन प्रमुख सचिव ऊर्जा और यूपीपीसीएल के चेयरमैन रहे आलोक कुमार और प्रबंध निदेशक रहीं अपर्णा यू. से गहन पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किये। बयान दर्ज करने के लिए सीबीआई ने दोनों आईएएस अधिकारियों को अपने दफ्तर बुलाया था। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आलोक कुमार इस समय प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास और अपर्णा यू. विशेष सचिव सिंचाई के पद पर तैनात हैं।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने दोनों अफसरों से पीएफ की रकम को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश करने के लिए अपनायी गई प्रक्रिया और इसमें उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे। सीबीआई अधिकारियों ने उनसे यह भी जानना चाहा कि डीएचएफएल में पीएफ की रकम के निवेश की जानकारी उन्हेंं कब हुई और इसमें उन्होंने क्या कार्रवाई की।

सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों ने बताया कि पीएफ की धनराशि के निवेश के बारे में ट्रस्ट और वित्त निदेशक मिलकर तय करते थे। जब उन्हेंं अनियमितता की जानकारी हुई तो कार्रवाई की गई। आलोक कुमार के कार्यकाल में ही बिजलीकॢमयों के पीएफ की 80 फीसद रकम डीएचएफएल में ट्रांसफर हुई थी। तब अपर्णा यू. यूपीपीसीएल के एमडी पद पर तैनात थीं।

बता दें कि पीएफ घोटाले में पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ की लगभग चार हजार करोड़ रुपये की रकम अनियमित तरीके से डीएचएफएल में निवेश की गई थी। मामला पिछले साल नवंबर में उजागर हुआ था। प्रकरण में यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा समेत डेढ़ दर्जन लोग जेल भेजे जा चुके हैं। सीबीआइ ने इस मामले में छह मार्च 2020 को एफआइआर दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लांड्रिंग के तहत केस दर्ज कर इस मामले की जांच कर रहा है।

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