लखनऊ, जेएनएन। UPPCL PF Scam : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के पूर्व महाप्रबंधक अयोध्या प्रसाद मिश्रा ने जमानत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से गुहार लगाई है। कोर्ट ने उनकी अर्जी पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का मौका देते हुए अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की है। एपी मिश्रा नवंबर, 2019 से जेल में हैं।

यह आदेश जस्टिस करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने एपी मिश्रा की ओर से दाखिल अर्जी पर सोमवार को पारित किया। याची की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ वकील जेएन माथुर का तर्क था कि एपी मिश्रा को बेवजह फंसाया गया है, जबकि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं। वहीं राज्य सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार साही एवं अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम अनुराग वर्मा ने कहा कि इस मामले में हाल ही में विवेचना पूरी करने के बाद ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में आरेापपत्र दाखिल कर दिया है। इसलिए उन्हें अर्जी के विरेाध में प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के लिए समय दिया जाए।

कोर्ट से कहा गया कि इसी मामले में एक सहअभियुक्त की जमानत अर्जी पर कोर्ट ने पहले ही राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय दिया है। हालांकि इसके जवाब में माथुर ने कहा कि सहअभियुक्त के मामले में कोर्ट ने दिसंबर 2019 में ही सरकार को जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन उसमें अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। उनका तर्क था कि सरकार को जवाब दाखिल करने के मौका तो दिया जाए, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार जवाब दाखिल कर दे और आगे समय की बढ़ाने की मांग न करे। कोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया और साथ ही स्पष्ट किया कि उसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि शासन ने पीएफ घोटाले के मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। ईओडब्ल्यू ने दो नवंबर 2019 को एपी मिश्र, सुधांशु द्विवेदी व पीके गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट में नियमों को दरकिनार कर पीएफ की रकम के करोड़ों रुपये का निजी कंपनी में असुरक्षित निवेश कराए जाने व ऐसा करके अनुचित लाभ कमाने के आरोप लगाए हैं। एपी मिश्रा पर आरोप है कि पावर कारपोरेशन के पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और कर्मचारियों के ट्रस्ट के पूर्व सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता के साथ मिलकर नियमों को दरकिनार और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारियों के भविष्य निधि के हजारों करोड़ रुपये डीएचएफएल में निवेश कर घोटाला किया है। पीएफ घोटाले में ईओडब्ल्यू ने अब तक 17 आरोपितों की गिरफ्तारी की है।

Posted By: Umesh Tiwari

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