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यूपी में फरवरी तक 30 हजार शिक्षकों की भर्ती करेगा शिक्षा सेवा चयन आयोग, फर्जी डिग्रियों पर लगेगी लगाम

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:03 PM (IST)

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक 25-30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।

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HighLights

  1. फरवरी तक 25-30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी।

  2. फर्जी डिग्रियों के सत्यापन के लिए डिजिलॉकर का उपयोग होगा।

  3. चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।

विवेक राव, लखनऊ। चार साल से लंबित शिक्षक भर्तियों, परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने में जुटा है।

आयोग जनवरी से फरवरी तक करीब 25 से 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने जा रहा है। साथ ही, फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को पकड़ने के लिए अब डिजिलाॅकर से भी डिग्रियों का सत्यापन शुरू करेगा।

अभ्यर्थियों को दी सलाह

दैनिक जागरण के राज्य स्तरीय विमर्श में सोमवार को वर्चुअल माध्यम से जुड़े आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि चयन केवल मेरिट के आधार पर हो रहा है, किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने लंबित भर्तियों, आगामी परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किए जा रहे तकनीकी बदलावों की जानकारी भी साझा की। साथ ही यह भी अपील की कि अभ्यर्थियों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय अपनी तैयारी और प्रतिभा पर भरोसा करना चाहिए।

पिछले वर्ष 19 दिसंबर को कार्यभार संभालने के बाद आयोग की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए बोले कि सबसे बड़ी चुनौती लंबित भर्ती परीक्षाओं को पूरा कराने और अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करने की थी। वर्ष 2022 से असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीटी और टीजीटी सहित कई भर्तियां लंबित थीं।

टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) भी लंबे समय से नहीं हुई थी और एक परीक्षा में पेपर लीक को लेकर विवाद भी सामने आया था। ऐसे में आयोग ने अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं कराने तथा तकनीक का इस्तेमाल कर एक भरोसेमंद व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया। इसी दिशा में 10 महीने के भीतर लंबित परीक्षाएं कराई गईं। डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है।

वहीं, अन्य तीन भर्तियों के परिणाम घोषित करने के साथ नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जा चुके हैं। चार वर्ष बाद कराई गई टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) में 19 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 13 लाख उत्तीर्ण हुए।

अब आगे फरवरी तक करीब 25 से 30 हजार शिक्षक भर्तियों में डायट प्राचार्य के 111, असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब दो हजार, प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 12 हजार, पीजीटी के करीब 2500 तथा प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के लगभग 2500 पद शामिल हैं। इसके अलावा टीजीटी के करीब 14 से 15 हजार पदों का अधियाचन आने वाला है।

जल्द तय होगी भर्ती परीक्षा की तिथि

अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आयोग संबंधित विभागों से रिक्त पदों का अधियाचन मिलने के बाद ही भर्ती परीक्षा आयोजित करता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पदों का अधियाचन अभी लंबित है। इन पदों की परीक्षा तिथि जल्द तय होगी। शेष जिन पदों के लिए अधियाचन प्राप्त हो चुके हैं, उनकी परीक्षाओं की तिथियां घोषित की जा चुकी हैं।

उच्च शिक्षा में प्राचार्य पदों की परीक्षा 24 सितंबर को कराई जा चुकी है। इसकी लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है और साक्षात्कार 27, 28, 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं। नवंबर में अंतिम परिणाम आने की उम्मीद है। पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए पहली बार विशेष टीईटी तीन नवंबर को आयोजित होगी।

डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित है। नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षकों और माध्यमिक विद्यालयों में संबद्ध प्राथमिक शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा तीन और चार दिसंबर को होगी। वहीं, पीजीटी (प्रवक्ता) भर्ती परीक्षा 15 और 16 दिसंबर को संभावित है।

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