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स्कूल जाने वाली हों या ड्रॉपआउट, यूपी की हर किशोरी को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन देगी योगी सरकार

Published: Sat, 19 Sep 2026 09:23 PM (IST)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब कक्षा 6 से 12 तक की स्कूली छात्राओं, ड्रॉपआउट और स्कूल न जाने वाली ...और पढ़ें

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HighLights

  1. स्कूली और ड्रॉपआउट किशोरियों को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन मिलेंगे।

  2. माहवारी स्वास्थ्य पर राज्य स्तरीय नीति विकसित की जाएगी।

  3. जागरूकता हेतु शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को अब निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल स्कूली छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी (ड्रॉपआउट) और स्कूल न जाने वाली किशोरियों तक भी मुफ्त सैनिटरी नैपकिन पहुंचाने की ठोस व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही, प्रदेश में पहली बार माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को एक मंच पर लाते हुए एक समग्र राज्य स्तरीय नीति विकसित की जाएगी।

यह अहम निर्णय राज्य स्तरीय माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की एनेक्सी भवन में हुई बैठक में लिया गया। अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किशोरियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को आसान और प्रभावी बनाने पर मंथन हुआ। सरकार का लक्ष्य माहवारी स्वच्छता सेवाओं का दायरा बढ़ाकर वंचित समूहों और स्कूल से बाहर की किशोरियों को प्राथमिकता के आधार पर इसका लाभ दिलाना है।

माहवारी को लेकर समाज में व्याप्त झिझक और मिथकों को तोड़ने के लिए सरकार इसे स्कूली शिक्षा का नियमित हिस्सा बनाने जा रही है। किशोरावस्था से जुड़ी शिक्षा और जागरूकता सत्र अब विद्यालयों की नियमित गतिविधियों में शामिल होंगे। किशोरियों को माहवारी शुरू होने से पहले ही जरूरी जानकारी देकर मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का व्यापक इस्तेमाल कर सुरक्षित और स्वच्छ माहवारी व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा।

विभिन्न विभागों के बेहतर तालमेल के लिए प्रदेश की अपनी 'राज्य माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता नीति' तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य सभी संबंधित योजनाओं को एक छतरी के नीचे लाकर उन्हें संस्थागत स्वरूप देना है। अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें और ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करें, जहां किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं सहजता से मिल सकें। विभागों के आपसी समन्वय से इस योजना को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा।