योगी सरकार का तोहफा: पीआरडी जवानों, रसोइयों और आंगनवाड़ी कर्मियों को ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवच और मानदेय वृद्धि
योगी सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों, परिषदीय रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि के साथ बड़ा तोहफा दिया है। इन ...और पढ़ें

HighLights
पीआरडी स्वयंसेवकों को 5 लाख रुपये का कैशलेस इलाज।
रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 प्रति माह की वृद्धि।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से ₹12,000 हुआ।
डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रहे पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) स्वयंसेवकों, परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को मानदेय में बढ़ोतरी के साथ बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने इन सेवा वर्गों और उनके आश्रित परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की मुफ्त व कैशलेस चिकित्सा सुविधा (आयुष्मान कार्ड के तहत) देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
इस निर्णय से बीमारी की स्थिति में आर्थिक तंगी झेलने वाले लाखों निम्न और मध्यम आय वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
31 हजार से अधिक पीआरडी जवानों और परिवारों को राहत
प्रदेश में सुरक्षा, यातायात और आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में योगदान देने वाले 31,000 से अधिक पीआरडी जवानों के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की गई है।
- सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज: पीआरडी जवान और उनके परिजन सरकारी के साथ-साथ सरकार से संबद्ध (एम्पैनल्ड) निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 की वृद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षा
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) तैयार करने वाली रसोइयों को दोहरा लाभ दिया गया है।
- मानदेय बढ़ोतरी: रसोइयों के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है।
- पारिवारिक सुरक्षा: मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ रसोइयों के पूरे परिवार को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवर दिया गया है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा
मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल विकास की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी मजबूत आर्थिक संबल दिया गया है।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 12,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
- आंगनवाड़ी सहायिका: मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा कवच: दोनों वर्गों को परिवार सहित प्रति वर्ष 5 लाख रुपये की कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ मिलेगा।
सेवा करने वालों की सेहत और आर्थिक सुरक्षा की एक साथ चिंता
योगी सरकार का यह फैसला दर्शाता है कि सरकार केवल सेवादार कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के प्रति संवेदनशील है। सीमित आय में गंभीर बीमारियों का इलाज कराना अक्सर इन परिवारों के लिए कर्ज का कारण बनता था। मानदेय वृद्धि के साथ कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड की इस दोहरी व्यवस्था से प्रदेश के लाखों परिवारों को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत ढांचा मिला है।
