Azadi Ka Amrit Mahotsav: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं में पहला स्थान हासिल करने वाला उत्तर प्रदेश आजादी के 75वें वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के आह्वान पर संचालित हर घर तिरंगा अभियान (Har ghar Tiranga Abhiyan) में भी कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की ओर से प्रदेश में 4.5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य तय किया गया है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश के हजारों स्वयं सहायता समूह, गैर सरकारी संगठन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इकाइयां दिन और रात एक किये हुए हैं। स्थिति यह है कि उप्र इस लक्ष्य से भी ज्यादा छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ढाई करोड़ तिरंगे की आपूर्ति का दायित्व प्रदेश के सभी जिलों को सौंपा है जबकि दो करोड़ राष्ट्रीय ध्वजों को खरीदने की जिम्मेदारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग को दी गई है। जिलों में यह झंडे स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), गैर सरकारी संगठनों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं के अलावा निजी सिलाई केंद्रों द्वारा तैयार किये जा रहे हैं। जिलों की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से 3.26 करोड़ तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य है।

तिरंगा बनाने में प्रदेश के 17,278 एसएचजी लगे हुए हैं जिन्हें 1.34 करोड़ झंडे तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं एनजीओ, छोटी औद्योगिक इकाइयों और खादी ग्रामोद्योग से जुड़ी 2679 इकाइयों को 1.12 करोड़ झंडे तैयार करने का दायित्व दिया गया है।

इनके अलावा प्रदेश के 7392 निजी सिलाई केंद्र भी झंडे सिलने में लगे हुए हैं। निजी सिलाई केंद्रों को 64.33 लाख झंडे सिलने की जिम्मेदारी दी गई है। इस हिसाब से इन इकाइयों के माध्यम से 3.26 करोड़ झंडे तैयार कराने का लक्ष्य तय किया गया था।

इसी तरह 1.99 करोड़ झंडे एमएसएमई के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य रखा गया था। अपर मुख्य सचिव, एमएसएममी व खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल ने बताया कि 4.50 करोड़ के लक्ष्य से कहीं अधिक झंडे उपलब्घ कराए जा रहे हैं।

झंडे लेने वाले भी पीछे नहीं : राज्य में रिकार्ड झंडे की उपलब्धता के साथ ही उन्हें लेने वालों में भी उत्साह कम नहीं है। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि 10 अगस्त तक सिर्फ राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, प्राथमिक विद्यालयों व आंगनवाड़ी केंद्रों आदि के माध्यम से ही 1.59 करोड़ झंडों को वितरित किए जा चुके हैं।

Edited By: Umesh Tiwari