यूपी के बुनकरों का बजा डंका, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- ग्लोबल मार्केट तक पहुंच रहा हुनर
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों का हुनर वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है, सरकार निर्यात को बढ़ावा दे रही है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
बुनकरों और हस्तशिल्पियों का हुनर वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है।
सरकार वस्त्र एवं परिधान उद्योग के निर्यात को प्रोत्साहन दे रही है।
वस्त्र उद्योग में एआई का उपयोग अभी शुरुआती दौर में है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के बुनकरों व हस्तशिल्पियों का हुनर वैश्विक बाजार तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विभिन्न देशों के बाजारों में उत्तर प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग के साथ हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद उपलब्ध हों। इसके लिए उत्पादों के निर्माण से लेकर निर्यात तक में सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग द्वारा आयोजित दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कान्क्लेव (यूपी टेक्स)-2026 के समापन के मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का वस्त्र उद्योग नई तकनीक का इस्तेमाल कर वस्त्रों का उत्पादन कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश में उत्तर प्रदेश के वस्त्रों की मांग सैकड़ों वर्षों से रही है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से निर्यात को भी बढ़ावा मिला है।
इसके चलते आज वस्त्र एवं परिधान उद्योग तेजी के साथ वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ लाखों कारीगरों, बुनकरों एवं उद्यमियों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है।
इससे पहले कान्क्लेव में वस्त्र उद्योग में एआइ के इस्तेमाल पर आयोजित सत्र में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि वस्त्र उद्योग में एआइ का इस्तेमाल अभी शुरुआती दौर में है। सिर्फ 35 प्रतिशत इकाइयां ही एआइ का इस्तेमाल कर रही हैं।
22 प्रतिशत इकाइयां पायलट परियोजनाओं के जरिए एआइ के इस्तेमाल की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वस्त्र उद्योग में उत्पादन और गुणवत्ता से जुड़े कामों में एआइ का सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है।
कंपनियां महंगे भौतिक आटोमेशन की तुलना में ट्रैकिंग और सूचना आधारित डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपना रही हैं। वहीं बारकोड प्रणाली और डिजिटल डैशबोर्ड का भी इस्तेमाल वस्त्र उद्योग में हो रहा है। वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने अतिथियों को सम्मानित किया।
