यूपी में कैसा रहेगा कल का मौसम? मेरठ समेत पश्चिमी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया अपडेट
मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी में 12-15 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, साथ ही किसानों को फसलों की सुरक्षा की सलाह दी है।

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HighLights
पश्चिमी यूपी में 12-15 अक्टूबर तक बारिश संभव।
30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं।
किसानों को फसलों की सुरक्षा की विशेष सलाह।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, निचले और मध्यम क्षोभमंडल स्तरों पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोन सर्कुलेशन के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके साथ ही, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है, जो बिहार और झारखंड से होकर जा रही है।
पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का हाल
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान और हवा की गतिविधियों पर असर पड़ा है।
नवरात्र शुरू होने के साथ ही बरेली में गुलाबी ठंड ने दस्तक दी है, यहां सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी हुई। जबकि अलीगढ़ में भी मौसम ने करवट ली है यहां भी रिमझिम बारिश हुई साथ ही नोएडा और गाजियाबाद में भी रुक-रुककर बारिश होती रही।
पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम
12 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कुछ जिलों में हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 12 अक्टूबर को क्षेत्र में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों में इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार जताए गए हैं। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
पूर्वी यूपी में हल्की बारिश का अलर्ट
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 अक्टूबर तक मौसम साफ और शुष्क रहेगा। हालांकि, 15 और 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को मौसम पुनः शुष्क हो जाएगा।
कृषि एवं सुरक्षा संबंधी सलाह
मौसम विभाग ने तेज हवाओं और मौसम के बदलाव को देखते हुए किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखने या तिरपाल से ढकने की सलाह दी है। साथ ही, बागवानी फसलों व छोटे पौधों को सहारा देने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
