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यूपी में निकायों को 16वें वित्त आयोग का धन पाने को अब सार्वजनिक करना होगा लेखा-जोखा, खर्च की भी देनी होगी जानकारी

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:57 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों को 16वें वित्त आयोग की अनुदान राशि अब ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी। इसके लिए निकायों ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. नगरीय निकायों को 16वें वित्त आयोग की अनुदान राशि ऑनलाइन मिलेगी।

  2. सिटी फाइनेंस पोर्टल पर अंकेक्षित लेखे सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।

  3. 14वें वित्त आयोग की राशि के शत प्रतिशत उपयोग की जानकारी दें।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नगरीय निकायों के लिए 16वें वित्त आयोग की अनुदान राशि हासिल करने की राह अब ऑनलाइन प्रक्रिया से होकर गुजरेगी। नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को आयोग की पहली किस्त का दावा करने से पहले सिटी फाइनेंस पोर्टल पर कुछ शर्तों को पूरा करना होगा।

इसके तहत निकायों को वर्ष 2024-25 का अंकेक्षित (आडिटेड) वार्षिक लेखा और वर्ष 2025-26 का अंतरिम (प्रोविजनल) वार्षिक लेखा ऑनलाइन सार्वजनिक करना होगा। साथ ही 14वें वित्त आयोग की राशि का शत प्रतिशत उपयोग होने की जानकारी भी पोर्टल पर देनी होगी।

16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में नगरीय निकायों को 33,500 करोड़ रुपये मिलने हैं। इससे नगरीय निकाय पानी, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, नाली और दूसरी स्थानीय सुविधाएं विकसित करेंगे। नगरीय निकाय निदेशालय ने सभी निकायों को इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

निकाय के खाते को पीएफएमएस से लिंक करना भी अनिवार्य होगा। पहली किस्त का दावा करने के लिए निकायों को 28 सेवा स्तर के मानक के प्रकाशन की जानकारी भी सिटी फाइनेंस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यानी वित्त आयोग की राशि पाने के साथ ही निकायों को नागरिक सेवाओं के प्रदर्शन का भी हिसाब ऑनलाइन देना होगा।

नगरीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा ने सभी निकायों को भेजे निर्देश में कहा है कि केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से 16वें वित्त आयोग की शहरी निकाय अनुदान व्यवस्था के लिए सिटी फाइनेंस पोर्टल लाइव किया गया है।

इसके माध्यम से निकायों से जुड़ी जानकारी और डाटा अपलोड, उसका सत्यापन व प्रबंधन तथा जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन किए जाएंगे। ऐसे में आने वाले समय में अनुदान की प्रक्रिया में कागजी रिपोर्ट के बजाय ऑनलाइन डाटा और वित्तीय पारदर्शिता की भूमिका बढ़ेगी।

निदेशक ने कहा कि सभी निकाय पोर्टल पर निर्धारित सूचनाएं समय से उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे निकायों को अपने लेखे-जोखे को अपडेट रखने, पुराने वित्त आयोग की धनराशि का हिसाब पूरा करने और सेवा स्तर के मानकों को सार्वजनिक करने पर अब अधिक जोर देना होगा।

किस वित्त आयोग से कितनी मिली धनराशि

  • 14वें वित्त आयोग-8,545 करोड़ रुपये।
  • 15वें वित्त आयोग-12,105 करोड़ रुपये।