यूपी में नंद बाबा मिशन से संवर रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, 38.8 मिलियन टन हुआ दूध का उत्पादन; हजारों युवाओं को मिला रोजगार
उत्तर प्रदेश ने 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन के साथ देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जो 'नंद ...और पढ़ें

HighLights
उत्तर प्रदेश 38.8 मिलियन टन दूध उत्पादन के साथ देश में शीर्ष पर।
नंद बाबा मिशन से 2.25 लाख नए रोजगार सृजित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत।
डेयरी कॉन्क्लेव में ₹28,000 करोड़ से अधिक के MOU हुए।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को राज्य के सभी 75 जनपदों में एक साथ 'डेयरी कॉन्क्लेव-2026' का भव्य आयोजन किया गया। दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विशेषज्ञों और हज़ारों प्रगतिशील पशुपालकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के दुग्ध उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया।
देश में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कॉन्क्लेव के दौरान महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि भारत वर्तमान में 248 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इसमें अकेले उत्तर प्रदेश 38.8 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन और लगभग 16 प्रतिशत योगदान के साथ पूरे देश में शीर्ष (प्रथम) स्थान पर कायम है। उन्होंने रेखांकित किया कि डेयरी सेक्टर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और किसानों की आय दोगुनी करने का सबसे मजबूत जरिया बन चुका है।
नंद बाबा मिशन का कमाल
प्रदेश में 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के जरिए पशुपालकों की किस्मत बदली जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 17,994 लाभार्थियों को सीधे फायदा पहुंचाया गया है। इसके अलावा 4,951 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2.25 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। राज्य सरकार की इस पहल ने ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के नए दरवाजे खोल दिए हैं।
हजारों पशुपालकों को मिले स्वीकृति पत्र
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के 2,100, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 1,500 से अधिक और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 450 से अधिक नव-चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति एवं चयन पत्र बांटे गए। वहीं औद्योगिक विकास को गति देते हुए डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ से अधिक के 829 MOUs किए गए हैं। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास नीति-2022 के तहत 39 लाख लीटर प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता बढ़ी है और निवेशकों को DBT के जरिए ₹42 करोड़ का अनुदान भी दिया गया है।
