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यूपी के बोर्ड स्टूडेंट्स को सीधे मिलेगा सीनियर अफसरों का मार्गदर्शन, टारगेट से टाइम मैनेजमेंट तक; हर महीने तैयार होगा कैलेंडर

Published: Sat, 08 Aug 2026 06:35 PM (IST)

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में IAS, IPS, IFS अधिकारियों द्वारा इंटरमीडिएट छात्रों को मार्गदर्शन देने की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हर जिले में IAS, IPS, IFS अधिकारी करेंगे छात्रों का मार्गदर्शन।

  2. करियर नियोजन, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी पर देंगे व्यावहारिक जानकारी।

  3. अधिकारी हर महीने कम से कम एक स्कूल का दौरा करेंगे।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। इसके तहत राज्य के हर जिले में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के युवा अधिकारी अब इंटरमीडिएट (11वीं-12वीं) के विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे। ये अधिकारी हर महीने कम से कम एक स्कूल जाकर छात्रों को प्रेरित करेंगे, उनका मार्गदर्शन करेंगे और करियर नियोजन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी साझा करेंगे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा से लेकर डीआईओएस तक को कड़े निर्देश

अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को संपूर्ण अनुश्रवण का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि सभी मंडलायुक्तों और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को समय-समय पर इसकी समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं। डीआईओएस को स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का काम सौंपा गया है, ताकि संवाद कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।

हर महीने स्कूल पहुंचेंगे अफसर, जीवन के अनुभव से देंगे प्रेरणा

मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों का यह भ्रमण औपचारिक नहीं बल्कि संवाद आधारित होगा। इस दौरान युवा अधिकारियों के अपने अनुभव, संघर्ष और कार्यशैली छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। जिलाधिकारी हर महीने अपने जिले के अधिकारियों का एक विशेष कैलेंडर तैयार करेंगे, जिससे हर क्षेत्र के स्कूलों में अफसरों की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

UPSC से लेकर JEE, NEET और स्टार्टअप्स तक का मिलेगा गुरुमंत्र

इस कार्यक्रम में केवल किताबी बातें नहीं होंगी, बल्कि सहभागितापूर्ण चर्चा और प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र आयोजित किए जाएंगे। छात्रों को अफसरों से यूपीएससी (UPSC), यूपीपीएससी (UPPSC), एनडीए (NDA), जेईई (JEE), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स मिलेंगे। इसके साथ ही उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, वित्तीय साक्षरता और तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी खुलकर चर्चा की जाएगी।

हर महीने की 5 तारीख को शासन को देनी होगी रिपोर्ट, होगी रेटिंग

कार्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक ठोस फीडबैक सिस्टम भी लागू किया गया है। जिलाधिकारियों को हर महीने की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजनी होगी। इस रिपोर्ट में स्कूल भ्रमण की संख्या, स्कूल का नाम, शामिल हुए अधिकारी, चर्चा के मुख्य विषय और छात्रों के सुझावों का पूरा ब्यौरा शामिल होगा। अधिकारियों के इस प्रत्यक्ष संवाद से छात्रों के भीतर आत्मविश्वास जागेगा और वे सही दिशा में अपने करियर का चुनाव कर सकेंगे।