STF की जांच में खुलीं पश्चिमी यूपी में सक्रिय कोडीन कफ सीरफ के नेटवर्क की परतें, भूपेंद्र सिंह ने उगले राज
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच में पश्चिमी यूपी में कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ ...और पढ़ें

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HighLights
STF ने पश्चिमी यूपी में कोडीन सीरप तस्करी नेटवर्क का किया खुलासा।
गिरफ्तार भूपेंद्र सिंह चौहान ने नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन बताए।
जांच में बड़े दवा कारोबारियों की भूमिका भी सामने आ रही है।
आदित्य तिवारी, लखनऊ। कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। 14 अक्टूबर को सहारनपुर से गिरफ्तार दवा कारोबारी भूपेंद्र सिंह चौहान ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। एसटीएफ अब उसके बयानों के आधार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दवा कारोबारियों और सीरप की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बड़े दवा कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
एसटीएफ की पूछताछ में भूपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कोडीनयुक्त कफ सीरप का नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संचालित हो रहा था। मुरादाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में इस नेटवर्क के जरिए सीरप की आपूर्ति और तस्करी की जा रही थी।
संबंधित कंपनी में काम कर चुके भूपेंद्र को सीरप के कारोबार और आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी थी। इसी अनुभव के आधार पर वह इस नेटवर्क से जुड़ा था।
तस्करी के नेटवर्क से जुड़ने की दी जानकारी
भूपेंद्र ने पूछताछ में विशाल सिंह और विभोर राणा के जरिये तस्करी के नेटवर्क से जुड़ने की जानकारी दी है। उसने एसटीएफ को बताया कि इस कारोबार में नए लोगों को किस तरह शामिल किया जाता था और उनसे सिक्योरिटी मनी लेने की व्यवस्था कैसे संचालित होती थी। एसटीएफ इन जानकारियों का सत्यापन कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि नेटवर्क में शामिल लोगों के बीच कारोबार और भुगतान का संचालन किस तरह किया जाता था।
भूपेंद्र से पूछताछ में कोडीनयुक्त कफ सीरफ की आपूर्ति के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अहम इनपुट भी मिले हैं। एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि गोरखपुर और गाजियाबाद के रास्ते पश्चिम बंगाल होते हुए सीरफ की खेप बांग्लादेश तक कैसे पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसी आपूर्ति की कड़ियों, इसमें शामिल लोगों और भुगतान के माध्यमों का पता लगा रही है।
एसटीएफ की जांच अब सीरफ की आपूर्ति करने वालों तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि तस्करी से अर्जित धन का लेनदेन किन लोगों और फर्मों के माध्यम से हुआ। पूछताछ में भूपेंद्र ने इस कारोबार में बड़े दवा कारोबारियों की भूमिका होने की जानकारी दी है।
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हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित कारोबारियों की भूमिका का सत्यापन किया जाना बाकी है। एसटीएफ अब मनी ट्रेल और कारोबारी लेनदेन की पड़ताल के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस सीरफ की खरीद, आपूर्ति, भुगतान और तस्करी से जुड़े पूरे तंत्र की कड़ियां जोड़ने पर है।
