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स्मार्ट होगी यूपी की माध्यमिक शिक्षा, कक्षा 9 से 12 तक के कठिन विषयों पर बनेंगे डिजिटल वीडियो; SIET कार्यशाला में बनी रणनीति

Published: Wed, 19 Aug 2026 08:51 PM (IST)

योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को तकनीक से सशक्त बनाने के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्रों हेतु शैक्षिक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. माध्यमिक शिक्षा में अब वीडियो, एनीमेशन से होगी पढ़ाई आसान।

  2. कक्षा 9 से 12 के कठिन विषयों पर बनेंगे डिजिटल वीडियो।

  3. शिक्षकों को शैक्षिक वीडियो निर्माण की तकनीकी बारीकियां सिखाई गईं।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। कठिन और जटिल विषयों को महज किताबों के पन्नों तक सीमित रखने के बजाय अब वीडियो, एनीमेशन और विजुअल कंटेंट के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचाने की दिशा में योगी सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा को तकनीक से सशक्त बनाने की इसी सोच के तहत राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), उत्तर प्रदेश में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर शैक्षिक वीडियो निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता को आधुनिक डिजिटल टूल्स से जोड़ना है, ताकि कठिन से कठिन टॉपिक भी छात्रों के लिए सरल और मनोरंजक बन सकें।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में 18 शिक्षकों ने ली ट्रेनिंग

राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान के मीटिंग हॉल में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में लखनऊ मंडल के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों से 18 चयनित प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों ने भाग लिया। कार्यशाला का शुभारंभ SIET के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने किया। इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा के अपर निदेशक सुरेंद्र तिवारी तथा SIET के प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने शिक्षकों को आधुनिक तकनीक को शिक्षण प्रक्रिया में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कोविड के अनुभवों से सीख: रील्स और एनीमेशन से होगी पढ़ाई

कार्यशाला के दौरान कोविड-19 महामारी के समय बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई डिजिटल सामग्री के सफल अनुभवों को साझा किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के दौर में कम समय वाले वीडियो, रील्स, एनीमेशन और बुलेट पॉइंट्स जैसे विजुअल माध्यम छात्रों का ध्यान आकर्षित करने में सबसे प्रभावी हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर अब 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए विषयवार गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने की रूपरेखा बनाई गई है, जिससे छात्र अपनी गति और समझ के अनुसार कभी भी पढ़ाई कर सकेंगे।

साइंस और आर्ट्स के कठिन विषयों का तैयार होगा डिजिटल कंटेंट

इस कार्यशाला में मुख्य रूप से भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology), गणित (Maths), मनोविज्ञान (Psychology) और अर्थशास्त्र (Economics) जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी विषय विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए छात्रों के बौद्धिक स्तर के अनुसार वीडियो कंटेंट की योजना बनाएं। इससे अमूर्त (abstract) अवधारणाओं को विजुअल ग्राफिक्स के जरिए सीधे और प्रभावी ढंग से समझाना आसान हो जाएगा।

शिक्षकों को सिखाई गईं वीडियो मेकिंग की बारीकियां

SCERT के प्रवक्ता कमल किशोर ने शिक्षकों के साथ शैक्षिक वीडियो की रूपरेखा, स्क्रिप्ट राइटिंग और निर्माण से जुड़े तकनीकी दिशा-निर्देश साझा किए। शिक्षकों को विषयवस्तु के चयन, कैमरे के सामने प्रस्तुतीकरण (Presentation) और तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक समझ दी गई। कार्यशाला के समापन पर SIET के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि यह पहल तकनीक को शिक्षक का विकल्प बनाने के बजाय, शिक्षण को और अधिक प्रभावी व परिणामोन्मुख बनाने का एक सशक्त माध्यम साबित होगी।