यूपी के सरकारी स्कूलों में सजेगी युवा संसद, पक्ष-विपक्ष की भूमिका निभाकर छात्र समझेंगे लोकतंत्र
उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में जेन जी और जेन अल्फा के विद्यार्थी अब युवा संसद प्रतियोगिता के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझेंगे।

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HighLights
माध्यमिक विद्यालयों में जेन जी, जेन अल्फा के लिए युवा संसद।
छात्र अध्यक्ष, मंत्री, विपक्ष बन सीखेंगे संसदीय कार्यप्रणाली।
एससीईआरटी उत्तर प्रदेश नोडल संस्था, जिला निरीक्षक करेंगे समीक्षा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लोकतंत्र की पाठशाला अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। जेन जी और जेन अल्फा के विद्यार्थी स्कूलों में खुद सदन चलाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझेंगे। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थी अध्यक्ष से लेकर मंत्री और विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। प्रश्न पूछने, जवाब देने, प्रस्ताव रखने और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के जरिये उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा।
किसी राजनीतिक दल, वर्तमान या पूर्व राजनीतिक नेता अथवा किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक या व्यक्तिगत टिप्पणी की अनुमति नहीं होगी। संसदीय मर्यादा, शिष्टाचार और अनुशासन का पालन अनिवार्य रहेगा।
युवा संसद के लिए कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों का चयन प्रधानाचार्य के अनुमोदन से होगा। एक बैठक में करीब 50 से 55 विद्यार्थी शामिल होंगे। उन्हें अध्यक्ष, मंत्रि परिषद, विपक्ष और अन्य जरूरी भूमिकाएं दी जाएंगी। आयोजन से पहले विद्यार्थियों को अपनी भूमिका के अनुसार सदन की कार्यवाही चलाने, प्रश्न पूछने और प्रस्ताव रखने का अभ्यास कराया जाएगा।
बैठक अधिकतम एक घंटे की होगी। इसे केवल भाषण या सामान्य वाद-विवाद तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विद्यार्थी सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, सांप्रदायिक सद्भाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्यार्थी अनुशासन, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, स्वच्छता, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
विद्यालयों को पहले राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर किशोर सभा के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद ही आयोजन किया जा सकेगा। कार्यक्रम के बाद विद्यालयों को पोर्टल पर विवरण, फोटो और वीडियो अपलोड करने होंगे और कार्यवाही से जुड़े अभिलेख सुरक्षित रखने होंगे।
राज्य स्तर पर एससीईआरटी, उत्तर प्रदेश को नोडल संस्था बनाया गया है। वह मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, आयोजन सामग्री और समन्वय करेगा। जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक नोडल अधिकारी होंगे। वह विद्यालयवार पंजीकरण, आयोजन और पोर्टल पर विवरण अपलोड करने की नियमित समीक्षा करेंगे और एससीईआरटी को सूचना उपलब्ध कराएंगे। युवा संसद स्कूल परिसर या विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक स्थान पर आयोजित की जा सकेगी।
क्षेत्रीय सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व विधान परिषद सदस्य अथवा अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाया जा सकता है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
