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यूपी के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका, किताबों की जगह प्रैक्टिकल और एक्टिविटी से विज्ञान सीखेंगे बच्चे

Published: Tue, 13 Oct 2026 08:14 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के 17,089 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई अब परियोजनाओं और प्रयोगों के माध्यम से रोचक बनाई ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के 17,089 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई अब परियोजनाओं, प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से रोचक बनाई जाएगी। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय उन्हें सवाल पूछने, खोज करने और खुद प्रयोग करके सीखने के अवसर मिलेंगे। इसके लिए सभी 75 जिलों के 261 संदर्भदाताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हो गया है।

अब चयनित विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), परिषदीय शिक्षकों और मंत्रा-4 चेंज ने विज्ञान विषय की 18 परियोजना आधारित पाठ योजनाएं तैयार की हैं। इनमें ऊर्जा अन्वेषक, छाया रंगमंच, हमारा छोटा बगीचा, सूक्ष्मजीव जांचकर्ता और हमारी बिजली प्रयोगशाला जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

पांच से 13 अक्टूबर तक राजधानी के राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में चार चरणों में प्रशिक्षण आयोजित हुआ। संदर्भदाता पहले अपने विद्यालयों में इन गतिविधियों को अपनाएंगे और फिर अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन और होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड अभिभावकों से साझा करने पर भी जोर दिया गया है।

प्रशिक्षण के समापन पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि परियोजना आधारित अधिगम (पीबीएल) को अलग व्यवस्था बनाने के बजाय नियमित कक्षा शिक्षण का हिस्सा बनाया जाए। शिक्षक बच्चों को केवल जानकारी देने के बजाय उन्हें सोचने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें। शिक्षक संकुल बैठकों, बैगलेस डे, शैक्षिक भ्रमण और स्मार्ट कक्षाओं का भी उपयोग किया जाए।

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