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यूपी के सर्वोदय स्कूलों में पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल सीखेंगे छात्र, मिलेगी 300 घंटों की स्किल ट्रेनिंग

Published: Sun, 06 Sep 2026 06:53 PM (IST)

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत सर्वोदय विद्यालयों के 3000 से अधिक छात्रों को स्कूली पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देगा।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. 3000 से अधिक छात्रों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण।

  2. प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत यूपी कौशल विकास मिशन की पहल।

  3. रोजगार और स्वरोजगार के लिए छात्रों को तैयार करना।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब स्कूली पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सिखाया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है।

इसके लिए 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को लक्ष्य सौंपा गया है। सभी संस्थाओं को 30 सितंबर तक प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही कौशल से जोड़कर आगे रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के लिए तैयार करना है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को उनकी रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के अनुसार अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण होगी।

प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी

स्कूल में ही व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनमें भविष्य के लिए जरूरी दक्षताएं विकसित होंगी। प्रशिक्षण में एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। इस तरह विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित किए बिना उन्हें कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर उनका अनुमोदन कराने, विद्यार्थियों का पंजीकरण करने और बैच गठित करने की प्रक्रिया समय से पूरी करनी होगी। प्रशिक्षण प्रदाता को मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा कर उसकी पुष्टि करानी होगी। इसके बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) को बैच बनाने की अनुमति मिलेगी।

केवल वैध और मान्यता प्राप्त जाब रोल में ही प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। पोर्टल पर उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी मिलेगी, जो संबंधित प्रशिक्षण संस्था को आवंटित किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी। मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा और नियमों के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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