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यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद: सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को केंद्र बनाने में वरीयता, CCTV-इंटरनेट अनिवार्य

Published: Fri, 30 Oct 2026 02:52 AM (IST)

उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने 2027 की परीक्षाओं के लिए नई केंद्र निर्धारण नीति जारी की है। इसके ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. वित्तविहीन विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।

  2. सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी।

  3. सीसीटीवी, इंटरनेट व अन्य सुविधाएं अनिवार्य होंगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की वर्ष 2027 की परीक्षाओं में वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा। किसी भी केंद्र पर 100 से कम और 500 से अधिक परीक्षार्थी आवंटित नहीं किए जाएंगे।

परीक्षा की शुचिता और नकल पर अंकुश लगाने के लिए परिषद ने केंद्र निर्धारण की नई नीति जारी की है। इसके तहत सरकारी और सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के साथ राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।

शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एवं परिषद के अध्यक्ष प्रताप सिंह बघेल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को केंद्र निर्धारण के निर्देश जारी किए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक या उनके अधीन राजपत्रित अधिकारियों की टीम विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों का सत्यापन करेगी। सीसीटीवी कैमरे, वायस रिकार्डर, डीवीआर, राउटर, मानीटर और हाईस्पीड इंटरनेट का चालू होना अनिवार्य है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए पहले से केंद्र बनाए गए विद्यालयों को संस्कृत बोर्ड की परीक्षा का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक होने, चोरी, गोपनीयता भंग होने या उत्तर पुस्तिकाएं केंद्र के बाहर लिखे जाने के मामले सामने आने वाले विद्यालयों को भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई वाले विद्यालय और प्रबंधक व प्रधानाचार्य के बीच विवाद वाले विद्यालय भी इसके दायरे में आएंगे। उत्तर पुस्तिकाओं के लिए अलग सीसीटीवी युक्त कक्ष, सुरक्षित चहारदीवारी, लोहे का गेट, अग्निशमन उपकरण, शुद्ध पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और निर्बाध बिजली व्यवस्था जरूरी होगी। जनरेटर या इन्वर्टर, कंप्यूटर, प्रिंटर और दक्ष कंप्यूटर आपरेटर भी अनिवार्य होंगे।

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परीक्षार्थियों को यथासंभव 12 किलोमीटर के दायरे में केंद्र आवंटित किया जाएगा। एक ही प्रबंधक के विद्यालयों के विद्यार्थियों को आपस में केंद्र नहीं दिया जाएगा। निर्धारित केंद्र के अलावा कहीं और परीक्षा देने पर परिणाम निरस्त होगा और संबंधित केंद्र को तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।