उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बढ़िया माध्यम बना 'होमस्टे', हो रही लाखों की कमाई
ग्रामीण पर्यटन उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का नया माध्यम बन रहा है। होमस्टे के जरिए ...और पढ़ें

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
ग्रामीण पर्यटन महिलाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम।
होमस्टे से महिलाएं पर्यटकों को सुविधा और उत्पाद बेच रहीं।
पर्यटन विभाग का लक्ष्य 50 हजार नए होमस्टे कमरे।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ग्रामीण पर्यटन प्रदेश की महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का नया माध्यम बन रहा है।
होमस्टे के जरिये महिलाएं पर्यटकों को ठहरने की सुविधा देने के साथ पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से भी कमाई कर रही हैं।
इससे गांवों में पर्यटन का लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंच रहा है। प्रदेश में होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी एक-तिहाई से अधिक हो गई है।
पर्यटन विभाग का लक्ष्य 50 हजार नए होमस्टे कमरे जोड़ने का है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आतिथ्य सेवा, खानपान और स्थानीय शिल्प से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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