जॉब सीकर नहीं, 'जॉब क्रिएटर' बनेंगे यूपी के युवा: जीएलए यूनिवर्सिटी में 'यूपी राइज 2026' के मंच पर छाए 25 नए स्टार्टअप आइडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन के तहत जीएलए विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' का आयोजन हुआ, जहाँ युवाओं ...और पढ़ें
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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं को अब केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को इसी धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को नेशनल हाइवे स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस वृहद कार्यक्रम में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और भविष्य के भारत की तकनीक व नवाचार की झलक पेश की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल व मुख्य अतिथि सीए पलक राठी एवं शांतनु गुप्ता सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्टार्टअप इकोसिस्टम और सरकारी योजनाओं पर हुआ मंथन
राज्य सरकार प्रदेश में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। आयोजन के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना', 'यूपी स्टार्टअप फंड' और 'यूपी स्किल मिशन' जैसी नीतियों की गहराई से जानकारी दी। इसके साथ ही, युवा उद्यमियों को आर्थिक बाधाओं से उबारने के लिए 'महिला सामर्थ्य योजना' और 'फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना' के तहत मिलने वाली सब्सिडी व सहायता पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि युवा अपने बिजनेस मॉडल को बिना किसी रुकावट के धरातल पर उतार सकें।
स्वदेशी 'रोबोडॉग' और ड्रोन तकनीक ने खींचा ध्यान
यूपी राइज के इस मंच पर कुल 25 स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 8 को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें लॉजिस्टिक्स आधारित 'बुक माई सारथी', छात्रों का मार्केटप्लेस 'कैम्पोरा', और एआई ट्रैवल प्लेटफॉर्म 'नमस्ते एआई' ने खूब तालियां बटोरीं। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र 'दक्ष डायनामिक्स' द्वारा खदानों और सुरंगों जैसे खतरनाक माहौल के लिए बनाया गया स्वदेशी 'रोबोडॉग' और 'क्वांटावर्स टेक्नोलॉजीज' के स्वदेशी ड्रोन एवियोनिक्स रहे। इन नवाचारों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
'लिटिललिंगोस' बना सिरमौर, 'फिटेड' व 'धृतम' उपविजेता
आइडिया पिचिंग के लिए हर टीम को 7 मिनट का समय दिया गया था। जूरी के सामने शानदार प्रस्तुति देते हुए, बच्चों के लिए बनाए गए एआई-पावर्ड इंग्लिश लर्निंग प्लेटफॉर्म 'लिटिललिंगोस' (LittleLingos) ने बाजी मारी और 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार जीता। वहीं, एआई पर्सनल स्टाइलिंग ऐप 'फिटेड' (Fitted) और तनाव व हार्ट रेट मापने वाला स्मार्ट अंडरगारमेंट (कवच एक्स) बनाने वाली टीम 'धृतम' (Dhritam) संयुक्त रूप से उपविजेता रहीं। मेंटर के रूप में कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, डॉ. मधुरिता गुप्ता और राधिका बजोरिया ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।
विचारों को धरातल पर उतारने का आह्वान, अब बरेली की बारी
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने इनोवेटिव आइडिया को केवल सोच तक सीमित न रखें। उन्होंने युवाओं से विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेकर अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने की अपील की। छात्रों को स्वरोजगार से जोड़ने वाला यह 'यूपी राइज' कारवां प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों से गुजरेगा। जीएलए में सफलता के झंडे गाड़ने के बाद, अब इस अभियान का अगला पड़ाव 21 सितम्बर 2026 को बरेली स्थित इनवर्टिस विश्वविद्यालय में होगा।
