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रटंत विद्या खत्म, खेल-खेल में सीखेंगे यूपी के बच्चे; 'पीएम श्री' स्कूलों के लिए 11.37 करोड़ रुपये जारी

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:10 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 'पीएम श्री योजना' के तहत बच्चों को खेल-खेल में सिखाने के लिए 11.37 करोड़ ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीएम श्री योजना हेतु 11.37 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत।

  2. बच्चों को मिलेगी स्टूडेंट लर्निंग किट और डायरी।

  3. खेल-खेल में सीखने पर जोर, निपुण लक्ष्य प्राप्ति।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई अब और भी रोचक और गतिविधि आधारित (एक्टिविटी बेस्ड) होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'पीएम श्री योजना' के तहत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की है। इसके तहत शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी उपलब्ध कराने के लिए 11.37 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रटने की बजाय खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करना और 'निपुण लक्ष्यों' को तेजी से हासिल करना है।

निपुण लक्ष्यों के अनुरूप तैयार होगी शिक्षण सामग्री (TLM)

योजना के तहत कक्षाओं को संसाधनयुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कक्षा 1 से 5 तक के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, तालिका पोस्टर और साप्ताहिक आकलन ट्रैकर उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विषय के अनुरूप टीएलएम (टीचिंग-लर्निंग मटेरियल) तैयार करें। इसके लिए स्कूलों को ग्लोब, भारत व विश्व के मानचित्र, अबेकस, कठपुतलियां (पपेट्स), चार्ट पेपर, स्केच पेन और अन्य उपयोगी सामग्री खरीदने के लिए बजट दिया जाएगा, ताकि बच्चे अवधारणाओं (कॉन्सेप्ट्स) को आसानी से समझ सकें।

प्रत्येक बच्चे को मिलेगी लर्निंग किट और डायरी

इस योजना का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। कक्षा 1 से 5 तक के हर छात्र को एक विशेष 'स्टूडेंट लर्निंग किट' दी जाएगी। इस किट में रंगीन वर्कबुक, ड्राइंग शीट, ओरिगेमी पेपर, ऊन, रिबन और लर्निंग डाइस जैसी दिलचस्प चीजें शामिल होंगी, जो बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ाएंगी। साथ ही, बच्चों को एक 'स्टूडेंट डायरी' भी दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन किट्स का वितरण पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) में अभिभावकों की उपस्थिति में किया जाए।

तय की गई सख्त डेडलाइन: 31 अक्टूबर तक पूरा होगा काम

बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है। 15 अक्टूबर 2026 तक निपुण लक्ष्य, तालिका और शिक्षण सामग्री (TLM) के लिए आवश्यक सामान का क्रय पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, शिक्षकों को 31 अक्टूबर तक अपने टीएलएम तैयार कर कक्षाओं में लागू करने और इसी दिन तक बच्चों को स्टूडेंट डायरी व लर्निंग किट उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

ब्लॉक स्तर पर लगेगा 'निपुण टीएलएम मेला'

शिक्षकों के बीच नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अपने द्वारा बनाए गए उत्कृष्ट और इनोवेटिव टीएलएम का प्रदर्शन करेंगे। सबसे प्रभावी शिक्षण सामग्री को अन्य स्कूलों के साथ भी साझा किया जाएगा ताकि पूरे प्रदेश के बच्चे उसका लाभ उठा सकें।

विद्या समीक्षा केंद्र से होगी सीधी निगरानी

इस योजना में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक और ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) इसके लिए जिम्मेदार होंगे। वहीं, राज्य स्तर पर 'प्रेरणा पोर्टल' और 'विद्या समीक्षा केंद्र' के जरिए क्रय और सामग्री के उपयोग की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

"पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सीखने के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी से बच्चों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी सीखने के अवसर मिलेंगे।"

संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

"टीएलएम का निर्माण पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप हो। लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और नवाचारी टीएलएम के माध्यम से प्रदेश में सीखने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने पर हमारा पूरा जोर है।"

मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा