सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर साधा निशाना
Akhilesh Yadav Fires on BJP : अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर साजिश के आरोप दोहराए। उन्हाेंने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा मिले हुए हैं। अभी फार्म बांटने में हेराफेरी है, फिर कलेक्शन में होगी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोडीन कफ सीरप मामले में आरोपित के साथ पूर्व सांसद धनंजय सिंह नाम जुड़ने पर तंज कसते हुए भाजपा को कार्रवाई की चुनौती दी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर भी निशाना साधा है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कोडीन कफ सीरप मामले में आरोपित के साथ पूर्व सांसद धनंजय सिंह नाम जुड़ने पर तंज कसते हुए भाजपा को कार्रवाई की चुनौती दी। उन्हाेने बिना पूर्व सांसद का नाम लिए कहा कि लखनऊ में गिरफ्तार ड्रग तस्कर अमित टाटा, जौनपुर के एक बाहुबली के साथ दिखते रहे हैं। उनकी गाड़ी का नंबर भी वही है, जो बाहुबली के काफिले की गाड़ी का है। इसका मास्टरमाइंड शुभम भी बाहुबली के साथ देखा गया है।
पार्टी मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कोडीन कफ सीरप तस्करी की सीबीआइ जांच की मांग के सवाल पर कहा कि यह जमाना सीबीआइ का नहीं, बुलडोजर का है। बुलडोजर कहां है, कब चलेगा। बार-बार मुख्यमंत्री कहते हैं कि वन डिस्ट्रक्ट, वन माफिया। भाजपा माफियाजीवी पार्टी है। भाजपा में एनकाउंटर माफिया, कफ सीरप माफिया, नीट माफिया, स्क्रैप माफिया, थाने के लिए वसूली माफिया काम कर रहे हैं। देखें अब जीरो टालरेंस वाली सरकार क्या करती है।
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर साजिश के आरोप दोहराए। उन्हाेंने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा मिले हुए हैं। अभी फार्म बांटने में हेराफेरी है, फिर कलेक्शन में होगी। एसआइआर से वोट देने का अधिकार छीनेंगे और संविधान के तहत जो अधिकार और आरक्षण मिला है, उसे भी छीनने की तैयारी है।
सपा प्रमुख ने कहा कि एसआइआर में इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है? सफाई कर्मचारियों को बीएलओ का सहायक रखा गया है। फतेहपुर में आत्महत्या करने वाले बीएलओ के स्वजन बता रहे थे कि उनके ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पश्चिम बंगाल के लोग कह रहे हैं कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंग गए हैं। यहां अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि जिनकी मौत हो जाए, उन्हें ड्यूटी पर न दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नोएडा में किसी साफ्टवेयर कम्पनी को हायर किया है, वह वोटर लिस्ट पर काम कर रही है।
एसआइआर में फार्म भरने वालों का डाटा कोई भी देख सकता है। मतदाता के मोबाइल नंबर तक देखे जा सकते हैं। सांसद राजीव राय के एक पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि घोसी के विधानसभा क्षेत्र में 20 हजार मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। ये मामले वे लोकसभा में भी उठाएंगे। इससे पहले उन्होंने हाल ही में जान गंवाने वाले लखनऊ निवासी बीएलओ विजय वर्मा के परिवार को दो लाख रूपये की आर्थिक मदद दी। सरकार से परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग की।

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