'2029 तक नशामुक्त होगा यूपी': एएनटीएफ और पुलिस के रडार पर ड्रग सिंडिकेट, तस्करों की तोड़ी जा रही आर्थिक कमर
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस और एएनटीएफ ने नशा माफियाओं पर शिकंजा ...और पढ़ें
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HighLights
योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति से नशा माफियाओं में डर।
पुलिस और एएनटीएफ ने 80 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की।
उत्तर प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का खौफ नशा माफियाओं पर साफ नजर आने लगा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ते हुए तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर कड़ा प्रहार किया है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण (प्रिवेंटिव डिटेंशन) की कार्रवाई में भारी तेजी आई है। इसी का नतीजा है कि इस वर्ष (23 सितंबर 2026 तक) प्रदेश में 71 बड़े तस्करों के खिलाफ 'पीआईटी एनडीपीएस एक्ट' के तहत सख्त कार्रवाई की गई है।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरा नेटवर्क ध्वस्त करना है लक्ष्य
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस और एएनटीएफ की इस सख्ती पर स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को जेल भेजना भर नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक पूरी तरह 'नशामुक्त' बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी लक्ष्य को साधने के लिए तस्करों द्वारा नशे के काले कारोबार से अर्जित की गई अकूत संपत्ति को जब्त कर सिंडिकेट को आर्थिक रूप से पंगु बनाया जा रहा है।
तस्करों की टूटी आर्थिक कमर, 80 करोड़ की संपत्ति जब्त
ड्रग माफियाओं को सबसे बड़ी चोट उनकी अर्थव्यवस्था पर दी जा रही है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और बाद में स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब ₹19 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी। वहीं, 2026 में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए 23 सितंबर तक 69 मामलों में लगभग ₹80 करोड़ की अवैध संपत्तियों पर सरकारी शिकंजा कसा जा चुका है।
कार्रवाई के आंकड़े और कुख्यात तस्करों पर एक्शन
योगी सरकार का सख्त रुख पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्रवाइयों के ग्राफ से समझा जा सकता है। जहां वर्ष 2024 में प्रदेश में महज 7 तस्करों पर यह कार्रवाई हुई थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 19 और 2026 में छलांग लगाकर 71 तक पहुंच गया। इसमें से 33 तस्करों पर अकेले एएनटीएफ ने कार्रवाई की है। इस कड़े एक्शन के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कई कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों को निरुद्ध कर उनके काले साम्राज्य पर सीधा प्रहार किया गया है।
