लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मियों की भविष्य निधि की रकम लूटने में शामिल रहीं चार और ब्रोकर फर्मों के पते फर्जी पाए गए हैं। अब ईओडब्ल्यू की जांच के कदम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, पूरे प्रकरण में घोटाले के पीछे रची गई गहरी साजिश की कडिय़ां भी एक-एक कर खुलने लगी हैं।

पीएफ का पैसा जिन 14 ब्रोकर फर्मों के जरिये निजी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश किया गया था, उनमें पांच फर्मों के पते अब तक फर्जी निकले हैं। जिन पांच फर्मों के पते फर्जी पाए गए हैं, वे गाजियाबाद, मेरठ व दिल्ली के पतों पर रजिस्टर्ड थीं। अन्य नौ फर्मों की भी जांच कराई जा रही है।

प्रदेश में इस बड़े घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने इस बीच पावर कारपोरेशन के पूर्व एमडी एपी मिश्र की पुलिस कस्टडी रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें लखनऊ जेल में दाखिल करा दिया। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पडऩे पर एपी मिश्र को फिर पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की कार्रवाई की जाएगी। डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह का कहना है कि एपी मिश्र, पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी व तत्कालीन सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की छानबीन कराई जा रही है। कुछ अहम तथ्य सामने आये हैं, जिन्हें तस्दीक भी कराया जा रहा है।

जांच एजेंसी ने अब सोमवार को डीएचएफएल के यूपी हेड को पूछताछ के लिए बुलाया है। उल्लेखनीय है कि ईओडब्ल्यू डीएचएफएल के एक पूर्व कर्मचारी से भी पूछताछ कर चुकी है। कंपनी में निवेश कराने के दौरान किन-किन लोगों की अहम भूमिका थी और किनके जरिये ब्रोकर कंपनियों से संपर्क साधा गया था। ईओडब्ल्यू ऐसे कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। 14 फर्मों में 12 फर्में तो ऐसी हैं, जिन्होंने सिर्फ यूपीपीसीएल के लिए काम किया है। इन फर्मों से जुड़े सभी लोगों के बारे में ब्योरा जुटाया गया है। ध्यान रहे, 4122.70 करोड़ के भविष्य निधि घोटाले के मामले में हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

प्रदेश शासन के निर्देश पर इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू कर रही है। ईओडब्ल्यू ने मामले में अब तक गिरफ्तार तीनों आरोपित अधिकारियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। माना जा रहा है कि अब ईओडब्ल्यू पावर कारपोरेशन के तत्कालीन अध्यक्ष से भी जल्द पूछताछ करेगी।

अरविंद कुमार ने संभाला पदभार

प्रमुख सचिव ऊर्जा व अध्यक्ष पावर कारपोरेशन के पद पर अरविंद कुमार ने पदभार ग्रहण कर लिया है। पीएफ घोटाले के चलते राज्य सरकार पिछले दिनों पावर कारपोरेशन की एमडी अपर्णा यू और कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार को पद से हटा चुकी है। एम देवराज पहले ही एमडी का कार्यभार संभाल चुके हैैं। परिवहन से ऊर्जा विभाग में पहुंचे अरविंद कुमार प्रमुख सचिव गृह भी रह चुके हैैं।  

Posted By: Dharmendra Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप