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सीएम योगी का मास्टरस्ट्रोक, पंचायत सहायकों की सैलरी बढ़कर हुई 9000 और महिलाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश

Published: Wed, 16 Sep 2026 07:49 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात दी है, जिसमें उनका ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पंचायत सहायकों का मानदेय 6,000 से बढ़कर 9,000 रुपये हुआ।

  2. नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित, डीएम कमेटी ही हटा सकेगी।

  3. महिला सहायकों को मातृत्व अवकाश, सभी को कैशलेस इलाज।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों की मुराद पूरी करते हुए उन्हें बड़ी सौगात दी है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 फीसदी का भारी इजाफा किया गया है। अब उन्हें 6,000 रुपये के बजाय 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने सेवा सुरक्षा, कैशलेस इलाज और महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश जैसी कई अहम सुविधाओं का भी ऐलान किया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर से वार्ता और सीएम के इन फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।

अब DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में आएंगे 9000

सरकार ने पंचायत सहायकों के मानदेय में 3,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की है। मौजूदा समय में यह मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। लेकिन अब राज्य कैबिनेट से मंजूरी लेकर इसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत बढ़ा हुआ नौ हजार रुपये का मानदेय बिना किसी बिचौलिए के सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में पहुंचेगा।

प्रधान और सचिव की मनमानी पर रोक, सुरक्षित हुई नौकरी

इस फैसले का सबसे अहम पहलू पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा (Job Security) से जुड़ा है। अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव मनमाने तरीके से सहायकों को हटा देते थे। सरकार ने अब इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। नए नियम के मुताबिक, कोई भी प्रधान या सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को बर्खास्त नहीं कर सकेगा। किसी भी सहायक को हटाने का अधिकार अब केवल जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित कमेटी के पास ही होगा।

मातृत्व अवकाश और कैशलेस इलाज की मिली सुविधा

वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा के अलावा, योगी सरकार ने पंचायत सहायकों के स्वास्थ्य और महिला कल्याण को भी प्राथमिकता दी है। अब प्रदेश की महिला पंचायत सहायकों को नौकरी के दौरान मातृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, बीमारी की स्थिति में सभी पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ भी मिलेगा।

मुकदमे होंगे वापस, मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त

अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों की बुधवार को पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ सफल वार्ता हुई। मंत्री ने प्रतिनिधियों को बुलाकर बातचीत की और इसके बाद उनके साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी द्वारा लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी दी। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि आंदोलन के दौरान पंचायत सहायकों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और कार्रवाई की जद में आकर हटाए गए कर्मियों को दोबारा बहाल किया जाएगा। इन ठोस आश्वासनों के बाद पंचायत सहायकों ने अपना आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी है।